बाढ़ नगर परिषद में घमासान; पार्षद-मुख्य पार्षद हुए आमने-सामने

बाढ़ (TBN – अखिलेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट)| बाढ़ नगर परिषद (Barh Nagar Parishad) के द्वारा पिछले साल जुलाई महीने में नगर परिषद क्षेत्र के 17 योजनाओं को हरी झंडी दी गई थी. इन योजनाओं पर अब अमल भी होना शुरू हो गया है. लेकिन इस योजना के प्रारूप को लेकर अब परिषद के अंदर घमासान (conflict inside municipal council in Barh) शुरू हो गया है.

इसी कड़ी में वार्ड संख्या-23 के पार्षद सत्येंद्र कुमार (Satyendra Kumar, Ward Counsellor, Ward-23, Barh) ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए योजना में राशि की बंदरबांट का आरोप लगाया है. सत्येन्द्र ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद (Barh Municipal Council) द्वारा वैसे वार्ड का चयन नहीं किया गया है, जहां सालों भर जलजमाव की स्थिति पैदा रहती है. सत्येन्द्र के आरोप के अनुसार, जिस वार्ड में कोई जरूरत नहीं है, वहां पर योजना देकर राशि की बंदरबांट करने की तैयारी चल रही है.

राशि की बंदरबांट का हो रहा खेल

पार्षद ने कहा है कि नगर परिषद के द्वारा निकाले गए टेंडर के क्रम संख्या 4 में पूर्व में ही बनाए गए नाले का करीब 300 मीटर रिपेयरिंग के नाम पर 36.5 लाख रुपए की योजना से नाले का निर्माण फिर से होना शुरू हो गया है.उन्होंने कहा है कि पुराने निर्माण पर झूठ-मूठ की योजना देकर राशि की बंदरबांट करने की तैयारी चल रही है.

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सत्येन्द्र के अनुसार, वार्ड संख्या-23 के काजीचक मोहल्ला का पूरा इलाका पूरे साल में लगभग छह महीना डूबा रहता है. बावजूद इसके यहां से जल निकासी योजना के लिए कोई राशि आवंटित नहीं की गई है. दूसरी ओर, जहां कोई जरूरत नहीं है वहां पर योजना देकर राशि की बंदरबांट करने की तैयारी चल रही है.

कमीशन खोरी के लिए हो रहा काम

पार्षद सत्येंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि वार्ड संख्या-18 में 36.5 लाख रुपये की लागत से जिस योजना पर काम शुरू किया जा रहा है, वह महज दो से चार लाख रुपये के खर्च में पूरा हो सकता था. लेकिन कमीशन खोरी के लिए नगर परिषद के अधिकारियों ने मिलीभगत करते हुए इस तरह की योजना करवाने का काम कर रहे हैं.

नगर परिषद अध्यक्ष, राजीव कुमार ‘चुन्ना’

मुख्य पार्षद ने किया खारिज

दूसरी ओर, नगर परिषद के अध्यक्ष राजीव कुमार ‘चुन्ना’ ने वार्ड पार्षद के आरोपों को हास्यास्पद और बेबुनियाद बताया है. मुख्य पार्षद ने दी बिहार नाउ से बात करते हुए उन्होंने आरोपों का खंडन किया और कहा कि परिषद द्वारा योजनाओं का टेंडर, जरूरत के हिसाब से निकला गया है.

नगर परिषद के अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए कहा कि वार्ड पार्षद द्वारा उठाया जा रहा मामला शहर के बजरंगबली मंदिर से गुलाबबाग पुलिया तक आरसीसी नाला निर्माण से संबंधित है. इस कार्य के लिए निविदा का प्रकाशन 26 जुलाई 2021 को हुआ था. इस कार्य का अनुमोदन सशक्त स्थाई समिति द्वारा 31 मई 2021 को ही प्रस्ताव संख्या-2 में किया जा चुका था, जिसका अनुमोदन बोर्ड में 9 जून 2021 को प्रस्ताव संख्या-10 में हुआ.

बोर्ड की बैठक में पार्षद ने कुछ नहीं कहा था

अध्यक्ष ने दी बिहार नाउ को बताया कि 9 जून 2021 को सम्पन्न हुए बोर्ड की उपरोक्त बैठक में वार्ड पार्षद सत्येन्द्र कुमार उपस्थित थे. उस बैठक में पार्षद ने उक्त नाला के निर्माण से संबंधित कोई शंका जाहिर नहीं की या कोई आरोप या प्रकाश नहीं डाला था.

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कई वार्डों को होगा फायदा

अध्यक्ष ‘चुन्ना’ ने आगे बताया कि जहां तक उक्त नाला की उपयोगिता एवं जल-जमाव की समस्या के निदान का प्रश्न है, यह नाला पूर्ण रूप से जल-जमाव को देखते हुए जल की निकासी के लिए ही बनाई गई है. उन्होंने बताया कि बजरंगबली मंदिर से गुलाबबाग पुलिया तक बनने वाले इस आरसीसी नाला के निर्माण होने से वार्ड संख्या-9, 18, 19, 21, 22, 23 का पानी निकलेगा.

चुनाव के कारण अनर्गल प्रलाप

नगर परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है कि वार्ड पार्षद होते हुए भी सत्येन्द्र कुमार को बनने वाले नाला की उपयोगिता के बारे में पता नहीं है. मुख्य पार्षद ने वार्ड पार्षद पर आरोप लगाया कि उन्हें जनहित से कोई सरोकार नहीं है और अब इस साल चुनाव होना है तो वे अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पार्षद अनर्गल प्रलाप इसलिए कर रहे हैं क्योंकि चुनाव आ गया है. कभी जनता की समस्या से जुड़कर नहीं रहने के बाद इस साल चुनाव के कारण वे जनता की सहानुभूति बटोरने हेतु ऐसा कर रहे हैं.

कमिशन की चाह में कर रहे ऐसा

अध्यक्ष ने कमिशनखोरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्षद द्वारा किया जा रहा यह सारा ड्रामा कमिशन लेने के लिए ही किया जा रहा है. पार्षद ठीकेदार पर दबाव बना रहे हैं ताकि उससे कुछ कमिशन ले सके.