5 लोगों की संदिग्ध मौत, परिजन बोले शराब से मरे, प्रशासन ने कहा भ्रामक

छपरा (TBN – The Bihar Now डेस्क)| अभी नालंदा जहरीली शराब (Nalanda Hooch Tragedy) के कारण दर्जन भर से ज्यादा लोगों की मौत पर हंगामा खत्म नहीं हुआ था कि अब छपरा में भी संदिग्ध जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत (Chapra Hooch Tragedy) होने की खबर सामने आ रही है. एक तरफ जहां मृतक के परिजनों ने कहा है कि सभी मौतें शराब पीने से हुई हैं, वहीं प्रशासन ने इसे भ्रामक बताया है.

अमनौर (Amnaur) एवं मकेर (Maker) प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र नरसीभानपुर जनता बाजार परमानंद छपरा के आसपास गांव में लोगों का कहना है कि जहरीली शराब पीने से कई व्यक्तियों की मौत हो गई है. लेकिन प्रशासन इस विषय मे कुछ भी कहने से कतरा रही है. वही कल तक शांत रहने वाले गांव के लोग आज मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात कही.

प्रशासन की मृतक के परिजनों से मुलाकात

स्थानीय प्रशासन की एक टीम ने मीडियाकर्मियों के सामने मृतक के घरवालों से बातचीत और जांच-पड़ताल की. साथ ही स्थानीय मुखिया और मुखिया संघ के अध्यक्ष के नेतृत्व में भी स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी मौके का मुआयना किया और ग्रामीणों से बातचीत की.

एसडीपीओ ने किया इनकार

मृतक के घरवालों व स्थानीय लोगों से बातचीत और जांच पड़ताल के बाद मढ़ौरा एसडीपीओ (Madhaura SDPO) इंद्रजीत बैठा ने कहा कि वहां हुई मौतों में किसी की भी मौत जहरीली शराब से नहीं हुई है. वहीं, मुखिया संघ के अध्यक्ष ने भी अपना बयान जारी कर जहरीली शराब से हुई मौत को भ्रामक बताया है.

बुधवार को हुई थी बुजुर्ग की मौत

बता दें, बुधवार शाम 5 बजे अमनौर थाना क्षेत्र के नरसिंह भानपुर गांव में रामनाथ राय नाम के एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी. रामनाथ के परिजनों ने उसकी मौत का कारण शराब पीना बताया था. इसके बाद प्रशासन में खलबली मच गई.

उसके बाद जिला प्रशासन ने मृतक रामनाथ राय के शव का मेडिकल बोर्ड बनाकर पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया. जिलाधिकारी सारण राजेश मीणा ने बताया कि मृतक की मौत का कारण जहरीली शराब नहीं है. अभी तक प्रशासन के संज्ञान में किसी की भी मौत शराब पीने से नहीं हुई है.

दरौली विधायक ने की परिजनों से मुलाकात

इधर, घटना की जानकारी पर सीवान के दरौली के सीपीआई-एमएल विधायक सत्यदेव राम ने रामनाथ राय सहित 7 मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. परिजनों ने उनके समक्ष भी शराब के कारण ही मौत होने की बात कही. इस पर विधायक सत्यदेव राम ने प्रशासन और सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए शराबबंदी को पूरी तरह फेल बताया. जहरीली शराब से हो रही मौत को रोकने में पूरी तरह असफल बताया.

छपरा शराब कांड में मृतकों के नाम

कृष्णा महतो, ग्राम- परमानंद पुर, थाना- अमनौर, छपरा; अनिल मिस्त्री, सीवान; मो.ईसा, ग्राम- बसंतपुर, थाना- अमनौर, छपरा; बिहारी राय, ग्राम- नंदन, मकेर थाने, छपरा; रामनाथ राय, ग्राम- नरसिंह भानपुर, अमनौर थाना, छपरा; भरत राय, ग्राम- नवकाढा, मकेर थाना, छपरा; बरई सिंह, सर्वोदय बाज़ार, छपरा; भूलन मांझी, ग्राम- कोल्हुआ, मढ़ौरा थाना, छपरा; जवाहिर महतो, ग्राम- कर्णपुरा गांव, मढ़ौरा थाना, छपरा; राजेश शर्मा, ग्राम- जमालपुर, मढ़ौरा थाना, छपरा; मुन्ना सिंह, ग्राम- जमालपुर, मढ़ौरा थाना, छपरा; संभत महतो, ग्राम- अमनौर डीह, अमनौर थाना, छपरा; बीरेंद्र ठाकुर, ग्राम- अमनौर डीह, अमनौर थाना, छपरा.

इनके अलावा कर्णपुरा गांव के रविन्द्र गिरी की आंख की रोशनी गायब होने की शिकायत पर उनका इलाज हो रहा है.

मौत से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है. देखना यह है कि प्रशासन एक के बाद एक मौत में क्या खुलासा कर रही है. सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां शराब का कारोबार धड़ल्ले से चलता है. जबकि प्रशासन की गश्ती इधर काफी कम रहती है.

वहीं दूसरी ओर जिस तरह से नीतीश कुमार (Nitish Kumar Chief Minister) ने शराबबंदी (Prohibition) को लागू किया है, अभी तक इस कानून एवं शराब सेवन की रोकथाम हेतु लोग जागरुक नहीं हो पाए हैं. कुछ ऐसे लोग भी हैं जो शराब के अवैध धंधे के बल पर फल-फूल रहे हैं. लाख प्रयासों के बावजूद, सूबे में शराबबंदी को सफल बनाने में प्रशासन भी असफल होता नजर आ रहा है.