ट्रांसजेंडर समुदाय ने मनाया एक अनूठा रक्षाबंधन

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| राज्य में एक अनूठे रक्षाबंधन की मिसाल सामने आई है. पहली बार बिहार में गरिमा गृह (Garima Griha) में लैंगिकता की बंधनों को तोड़ते हुए ट्रांस्वूमेन महिला और ट्रांसमैन पुरुष आपस में रक्षाबंधन के अटूट बंधन को राखी की डोर से बांधा.

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रविवार को ट्रांसजेंडर (transgender) महिला अनुप्रिया सिंह और रानी तिवारी ने ट्रांसजेंडर पुरुष अभिनव कुमार को राखी के बंधन से भाई-बहन के अटुट रिश्ते मे बांध लिया.

दोस्तानासफर (Dostanasafar) की सचिव रेशमा प्रसाद, जो बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड और राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद नई दिल्ली की सदस्य भी हैं, ने बताया कि हमारे किन्नर समाज में लैंगिकता के बंधन अपनी अंर्तमन की महिला पहचान को स्वीकारने में बेड़िया जकड़ती है. उन्होंने कहा कि इन बेड़ियों को तोड़ने में ट्रांसजेंडर महिला और ट्रांसजेंडर पुरुष भाई बहन के रिश्ते में अपने आप को स्वीकारना झिझक से भरी होती है.

रेशमा ने कहा कि इन्हीं बेड़ियों, जकड़नो और झिझक को अनुप्रिया सिंह और रानी तिवारी ने तोड़ा तथा अपने ट्रांसजेंडर पुरुष भाई को राखी के बंधन ने बांधा. उन्होंने बताया कि यदि भाई बहन के रिश्ते दिल से बनते हैं तो उनके लिए खुशियां दामन फैलाए बैठी हुई होती है.

केंद्र सरकार एवं सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) के द्वारा गरिमा गृह खोला गया है जहां ट्रांसजेंडर समुदाय एक-एक सीढ़ी चढ़ कर समाज में अपना सम्मान प्राप्त कर सके. हजारों वर्षों से अपने सम्मान से वंचित ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए केंद्र सरकार ने कहा है कि उन्हें भी समाज में अपना सम्मान पाने का हक है, उन्हें भी ट्रांसजेंडर जीवन लैंगिकता की दुराग्रहों से आजाद होने का हक है. रक्षा-बंधन के अवसर पर ट्रांसजेंडर बहन के द्वारा ट्रांसजेंडर भाई को राखी बांधना इसी कड़ी में एक सुखद कोशिश है.

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए है ‘गरिमा गृह’

आपको बता दें, गरिमा गृह का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आश्रय प्रदान करना है, जहां आश्रय, भोजन, चिकित्सा देखभाल और मनोरंजन जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हैं. इसके अलावा, यह समुदाय में व्यक्तियों के क्षमता-निर्माण/कौशल विकास के लिये सहायता प्रदान करेगा जो उन्हें सम्मान का जीवन जीने में सक्षम बनाएगा.