पत्थरों की अजीबोगरीब नदी

ये दुनिया रहस्यों से भरी है। कुछ रहस्य ऐसे हैं जो आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक अनसुलझी पहेली बने हुए हैं।
हमने हमेशा नदियों में पानी ही बहता देखा होगा और पानी की निचली सतह पर पत्थर पानी के साथ बहते देखे होंगे पर क्या आपने कभी कल्पना की है कि किसी नदी में पानी की जगह बस पत्थर ही पत्थर नज़र आ रहे हो और एक बूँद पानी का नामोनिशान न हो।

रूस में एक ऐसी ही पत्थर की नदी पायी जाती है। जिसमे लगभग 6 किलोमीटर तक बस पत्थर ही पत्थर बहते हुए नज़र आएंगे। यह पत्थर बहती हुई नदी की धारा की तरह ही लगते हैं बस फर्क सिर्फ इतना होता है की इसमें पानी नहीं पत्थर ही होते हैं। ये नदी कहीं 20 मीटर छोटी धाराओं के रूप में नज़र आती है और कहीं-कहीं यह नदी 200 से 700 मीटर की विशाल धाराओं के रूप में दिखाई देती है। नदी में लगभग 10 टन वजनी पत्थर 4 से 6 मीटर तक जमीन के अंदर धंसे हुए हैं।

बहती हुई नदी के रूप में इतने सारे पत्थर कैसे और कहाँ से आये ये सवाल वैज्ञानिकों के लिए आज भी अजीबोगरीब पहेली बना हुआ है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नदी का निर्माण करीब 10 हजार साल पहले बहुत बड़े ग्लेशियर के पिघलने के बाद बड़ी बड़ी चट्टानों के टूटकर गिरने से हुआ होगा।