रेलवे परीक्षा परिणाम को लेकर छात्र संघों ने कल बिहार बंद का किया आह्वान

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| छात्र संघ आइसा (AISA) और अन्य युवा संगठनों ने शुक्रवार 28 जनवरी को “बिहार बंद” (Student Unions Call For Bihar Bandh on Friday 28th January Over Railway Exam Results) का आह्वान किया है. इस बंद का आह्वान रेलवे भर्ती बोर्ड के एनटीपीसी चरण-1 परीक्षा परिणाम (RRB NTPC Stage-1 Result) में कथित अनियमितताओं के कारण किया गया है.

छात्र संघ आइसा ने अन्य युवा संगठनों के साथ मिलकर एक प्रेस बयान में कहा कि रेल मंत्रालय द्वारा गठित समिति इस मामले को उत्तर प्रदेश में चुनाव तक स्थगित करने की एक ”साजिश” है.

आइसा और अन्य युवा संगठनों ने रेलवे भर्ती बोर्ड के एनटीपीसी चरण-1 परीक्षा परिणाम (RRB NTPC Stage-1 Result) में कथित अनियमितताओं के उम्मीदवारों द्वारा उठाई गई चिंताओं को देखने के लिए केंद्रीय रेल मंत्रालय द्वारा गठित समिति को “धोखा” करार दिया है. सरकार द्वारा बनाए गए इस कमेटी बनने के बाद भी छात्रों झुकने को तैयार नहीं है.

आइसा के महासचिव और विधायक संदीप सौरव (AISA General Secretary and MLA Sandeep Saurav) सहित अन्य ने एक प्रेस बयान में कहा कि मंत्रालय द्वारा गठित समिति इस मामले को उत्तर प्रदेश में चुनाव तक स्थगित करने की एक ”साजिश” है.

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उन्होंने कहा कि “उम्मीदवारों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कोई संदेह नहीं है. अत्यधिक बेरोजगारी का सामना कर रहे छात्र युवाओं का यह विशाल आंदोलन ऐसे समय में पैदा हुआ है जब यूपी में चुनाव है. इसी के दबाव में, यह प्रस्ताव सरकार और रेलवे आ गए हैं और मामले को चुनाव तक टालने की साजिश रची जा रही है.”

बता दें, छात्र संगठन आइसा व नौजवान संगठन इंकलाबी नौजवान सभा ने आरआरबी एनटीपीसी की परीक्षा के रिजल्ट में धांधली तथा ग्रुप डी की परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलनरत अभ्यर्थियों पर बर्बर दमन, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, मुकदमा व गिरफ्तारी के खिलाफ व्यापक छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में आगामी 28 जनवरी को बिहार बंद का आह्वान किया है.

छात्र-युवा नेताओं के अनुसार, 2019 में रेल मंत्रालय की ओर से जारी 35,281 पदों के लिए हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा का पीटी रिजल्ट 14 जनवरी 2022 को आया. रेलवे ने पीटी के रिजल्ट में पदों के 20 गुना रिजल्ट यानि सात लाख रिजल्ट जारी किया, लेकिन इसमें तकरीबन चार लाख रिजल्ट ऐसे हैं, जिनमें कोई एक अभ्यर्थी दो से अधिक, यहां तक कि सात पदों पर सफल हुआ है. इस तरह वास्तविकता में महज दो लाख 76 हजार रिजल्ट ही जारी हुआ है.