देर से आएगा मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट

पटना (TBN रिपोर्ट) :-  कोरोना वायरस मनुष्यजाति के स्वास्थ्य पर तो हानिकारक प्रभाव डाल ही रहा है, इसके साथ ही अब इसके दुष्प्रभाव के परिणाम से मनुष्य के जीवन का हर क्षेत्र प्रभावित हो रहा है. एक तरफ कोरोना वायरस महामारी के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था की हालात बुरी तरह से कमज़ोर होती सी नज़र आ रही है. वहीँ भारत में भी कोरोना के प्रभाव के चलते लॉकडाउन के बाद विभिन्न क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिल रहा है. कोरोना के कारण बिहार बोर्ड ने इस बार मैट्रिक का रिजल्ट तय समय पर देने में असमर्थता जताई है. हालंकि नियोजित शिक्षकों द्वारा हड़ताल के बावजूद भी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के द्वारा महज 42 दिनों में इंटरमीडिएट परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया था. फिलहाल कोरोना की वजह से लॉकडाउन का असर सम्पूर्ण देश के साथ सभी राज्यों में होने की वजह से बिहार बोर्ड के कॉपी जांच का काम फिलहाल के लिए पूरी तरह से बंद हो चुका है.

इस मामले में जानकारी देते हुए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष किशोर कुणाल ने बताया कि “मैट्रिक की कॉपी जांच के काम को अब 14 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है. कोरोना की महामारी से एहतियातन किए गये लॉकडाउन के बीच कॉपी जांच को पहले 31 मार्च तक स्थगित किया गया था लेकिन अब इसे बोर्ड ने आगे बढ़ाते हुए 14 अप्रैल तक कर दिया है”. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि “अभी तक केवल  75 फीसदी कांपियों का ही जांच का कार्य समाप्त हो सका है, जबकि 25 फीसदी जांच का कार्य अभी बाकी है.

कॉपियों के मूल्यांकन के सम्बंध जानकारी देते हुए बिहार बोर्ड के द्वारा में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और मूल्यांकन केंद्र निदेशक को पत्र जारी किया गया है. इस साल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने  24 मार्च को इंटर के तीनो संकायों का रिजल्ट जारी किया था. वहीं मैट्रिक के परीक्षा का रिजल्ट अप्रैल के दूसरे सप्ताह में जारी होने की उम्मीद की जा रही थी.  कॉपियों का मूल्यांकन 28 मार्च 2020 को पूरा किया जाना था लेकिन अब लॉकडाउन के हालात में कांपियों की जांच का कार्य अधूरा रहने की वजह से परीक्षाफल आने में वक़्त लग सकता है.