भारत में यह बन सकता है कोरोना की तीसरी लहर का कारण

नई दिल्ली / पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस (Delta Variant Plus) ने विश्वभर में चिंता बढ़ा दी है. भारत में वैसे ही दूसरी लहर ने कोहराम मचा दिया था. ऐसे में इस नए वैरिएंट ने यहां भी चिंता बढ़ा दी है. एक्स्पर्ट्स ने मंगलवार को बताया कि कोरोना (Corona) का यह वैरिएंट भारत में तीसरी लहर का कारण बन सकता है.

इस नए वैरिएंट के बारे में अमेरिका के सबसे बड़े महामारी एक्सपर्ट एंथनी फौची ने चेतावनी दी है कि यह कोरोना के मूल वैरिएंट के मुकाबले बहुत तेजी से फैलता है. इस कारण इसकी गंभीरता बढ़ जाती है.

इधर भारत में अब तक डेल्टा प्लस वैरिएंट के 43 मामलों का पता लगा है. इसके चलते सरकार ने तीन राज्यों – महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और केरल को तैयार रहने को कहा है.

डेल्टा प्लस वैरिएंट के बारे में

आइए जानते हैं इस डेल्टा प्लस वैरिएंट के बारे में. दरअसल पिछले महीनों भारत में मिले कोरोनावायरस का एक डबल म्यूटेंट स्ट्रेन मिला था. इस डबल म्यूटेंट स्ट्रेन B.1.617.2 को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने डेल्टा नाम दिया है. इस डबल म्यूटेंट स्ट्रेन में एक और म्यूटेशन K417N हुआ है.

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यह म्यूटैशन इससे पहले कोरोनावायरस के बीटा और गामा वैरिएंट्स में भी मिला था. नए म्यूटेशन के बाद बने इस नए वैरिएंट को डेल्टा+ वैरिएंट या AY.1 या B.1.617.2.1 का नाम दिया जा रहा है.

बताया जा रहा है कि K417N म्यूटेशन वाला यह वैरिएंट कोरोना के मूल वायरस से अधिक इंफेक्शियस हैं और बड़ी तेजी से फैलता है. यह वैरिएंट वैक्सीन व दवाओं के असर को कमजोर कर सकता है.

दरअसल, B.1.617 लाइनेज से ही डेल्टा वैरिएंट (B.1.617.2) निकला है. इसी लाइनेज के दो और वैरिएंट्स हैं- B.1.617.1 और B.1.617.3, जिनमें B.1.617.1 को WHO ने वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (VOI) की लिस्ट में रखा है और कप्पा नाम दिया है.