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पटना-गया डोभी फोरलेन का 5 जनवरी को लोकार्पण, दो घंटे में पटना से गया का सफर

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| आखिरकार पटना-गया डोभी ग्रीनफील्ड फोरलेन (Patna-Gaya Dobhi Greenfield Fourlane) अब वर्ष 2024 में बनकर तैयार हो गया है. इसका लोकार्पण आगामी 05 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Union Road Transport Minister Nitin Gadkari) करेंगे. इससे पटना से गया का सफर अब दो घंटे में होगी पूरी, जबकि डोभी तक की यात्रा करने में जाने तीन घंटे लगेंगे.

बता दें, पटना-गया डोभी फोरलेन, जिसे एनएच-83 भी कहा जाता है, के निर्माण में पहले साढ़े 5 हजार करोड़ लगना था और इसका निर्माण 2010 में शुरू हुआ था. सूत्रों का कहना है कि 2024 में पूरा होने तक इसके निर्माण पर अब लगभग 20 हजार करोड़ खर्च हो गए हैं.

ओवर ब्रिज के निर्माण के कारण हुई देरी

2015 में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने पटना-गया-डोभी फोरलेन की लागत 5519 करोड़ आंकी थी. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने परियोजना को पूरा करने के लिए अंतिम समय सीमा मार्च 2023 निर्धारित की थी, लेकिन गया में रेल ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए भारतीय रेलवे से मंजूरी नहीं मिलने के कारण इसमें देरी हुई.

गडकरी पटना-सरिस्ताबाद-नाथुपुर के बीच 3 किलोमीटर लंबे फोरलेन विस्तार की आधारशिला रखेंगे. यह रोड पटना-गया-डोभी फोरलेन को सरिस्ताबाद में पटना बायपास के पास जोड़ेगा.

05 जनवरी को लोकार्पण के बाद इस सड़क पर पटना से गया और डोभी से पटना के लिए गाड़ियां फर्राटा भरना शुरू कर देगी. अभी इस सड़क मार्ग से पटना – गया और डोभी की यात्रा करने वाले लोगों को चार से पांच घंटा का समय लगता है. लेकिन इसके निर्माण से पटना से गया का सफर अब मात्र दो घंटे में ही पूरा किया जा सकता है. जबकि पटना से डोभी तक की यात्रा करने में तीन घंटे का समय लगेगा. मतलब करीब दो घंटे की बचत होगी.

पटना हाईकोर्ट ने लिया था संज्ञान

2010 में समय से काम पूरा न होते देख पटना हाईकोर्ट ने पटना-गया-डोभी सड़क के निर्माण को गंभीरता से लिया था. पटना हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सड़क निर्माण दूसरी कंपनी को दी जाए. उसके बाद 2020 में नई कंपनी को सड़क निर्माण का काम सौंपा गया. इतना ही नहीं, बिहार में सभी एनएच कार्यों की निगरानी भी हाईकोर्ट द्वारा शुरू कर दी गई थी. हाईकोर्ट ने एनएचएआई के अध्यक्ष को तलब किया और जितने भी निर्माणाधीन परियोजना थे, सबको प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया था.

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सड़क निर्माण का लक्ष्य दिसंबर 2022 रखा गया था. लेकिन यह समय भी पार कर गया और सड़क निर्माण पूरा न हो सका. फिर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए अंतिम समय सीमा मार्च 2023 निर्धारित की. इस बार पटना हाईकोर्ट से फटकार लगने के बाद सरकार द्वारा भी निर्माण कार्य में तेजी लाई गई और अंततः यह परियोजना लगभग पूरा हुआ और 5 जनवरी को इसका लोकार्पण हो जाएगा.