लॉकडाउन में बिहार को बिजली संकट नहीं – NTPC

पटना (TBN रिपोर्ट) | प्रदेश में लॉकडाउन होने के बाद यहां एनटीपीसी की सारी परियोजनाओं का निर्माण कार्य ठप हो गया है. उधर, राज्य की अपनी भी विभिन्न परियोजनाओं पर काम ठप्प हो गया है. इसके बावजूद एनटीपीसी ने बिहार में किसी तरह बिजली संकट न होने देने का दावा किया है. एनटीपीसी के अनुसार बिहार को अन्य दिनों की तरह बिजली आपूर्ति की जा रही है. लॉकडाउन के बाद उत्पादन प्रभावित होने के कारण एनटीपीसी से बिहार को बिजली के निर्धारित कोटे में कटौती होने की चर्चा चल रही थी जिसे एनटीपीसी ने पूरी तरह नकार कर दिया है.
जैसा की मालूम है, एनटीपीसी तथा एनएचपीसी से बिहार को बिजली की आपूर्ति की जाती है जिसमें सबसे अधिक बिजली एनटीपीसी से मिलती है. एनटीपीसी से रोजाना औसतन 3500 से 4000 मेगावाट बिजली बिहार को मिलती है. अन्य जरूरत के लिए बिहार सरकार बाजार से भी बिजली खरीदती है.
जानकारी के अनुसार, एनटीपीसी ने अपने पावर प्लांट और उसके परिसर को पूरी तरह से आइसोलेट कर दिया है. परिसर में बाहरी लोगों के आने पर पूरी तरह रोक लगा दिया गया है. यहां तक कि काम करने वाले घरेलू नौकरों के आने पर भी रोक लगा दिया गया है तथा परिसर को बाहरी दुनिया से लगभग काट दिया गया है. पावर प्लांट को चलाने के लिए पूरी सावधानी बरतने के साथ ही केन्द्र व राज्य सरकार के गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जा रहा है.
एनटीपीसी के बिजलीघरों में लगभग एक माह का कोयला भंडार सुरक्षित कर लिया गया है. बिजलीघरों की हर यूनिट को उसकी क्षमता के अनुरूप चलाने में अधिकारी व इंजीनियर जुटे हैं. एनटीपीसी के प्रबंधक (कारपोरेट कम्यूनिकेशन) विश्वनाथ चंदन ने कहा है कि बिहार को बिजली की आपूर्ति सामान्य दिनों की ही तरह जारी रहेगी क्योंकि अभी किसी तरह की कोई समस्या नहीं है. कोयला का भी भंडारण पर्याप्त है और यूनिट के संचालन में कोई परेशानी नहीं है. उन्होंने बताया कि बिहार प्रदेश को तय प्रावधान के अनुसार ही बिजली दी जाएगी.