आज से नए गाइडलाइंस जारी, शादी और श्राद्ध में लोगों की कोई पाबंदी नहीं – जानिए पूरी जानकारी यहाँ

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)|बिहार सरकार ने कोरोना संक्रमण (Corona Virus) की रोकथाम को लेकर मंगलवार 16 नवंबर से एक हफ्ते के लिए राज्य में नई गाइडलाइन (New Corona Guidelines) जारी कर दी है. इसकी अवधि 16 नवंबर से 22 नवंबर तक है.

मंगलवार 16 नवंबर से राज्य में शादी समारोह और श्राद्ध कार्यक्रमों में लोगों की मौजूदगी को लेकर कोई पाबंदी नहीं है. हालांकि विवाह समारोह में बारात और डीजे की अनुमति अभी नहीं दी गई है.

रविवार 14 नवंबर को आपदा प्रबंधन समूह (Disaster Management Group) की बैठक में राज्य में कोरोना के संक्रमण की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों को शिथिल करने की प्रक्रिया को जारी रखते हुए 16 नवंबर से 22 नवंबर तक प्रतिबंधों की निम्न रूपरेखा को लागू करने का निर्णय लिया गया है –

दुकान एवं प्रतिष्ठान

नए गाइड्लाइन्स के अनुसार सभी दुकान / प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुल सकेंगे. परंतु निम्नलिखित शर्तें लागू रहेंगे –

> दुकानों/प्रतिष्ठानों में सभी के लिए हमेशा मास्क पहनना अनिवार्य होगा.
> दुकानों/प्रतिष्ठानों में उनके काउंटर पर दुकानदार द्वारा कर्मियों एवं आगंतुकों के उपयोग हेतु सैनिटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी.
> दुकानों एवं प्रतिष्ठान परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग मानकों (2 गज की दूरी) का अनुपालन किया जाएगा जिसके लिए सफेद सर्किल चिन्हित किए जाएंगे.
> दुकानों/प्रतिष्ठानों में केवल कोविड टीका प्राप्त व्यक्तियों को ही कार्य करने की अनुमति होगी.
> सभी दुकानों/प्रतिष्ठानों को अपने यहां कार्यरत कर्मियों की सूची टीकाकरण की स्थिति के साथ स्थानीय थाने को देनी होगी.
उपरोक्त शर्तों का पालन नहीं किए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

शिक्षण संस्थान –

> सभी विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं तकनीकी शिक्षण संस्थान, विद्यालय- पहली से 12वीं कक्षा तक के लिए सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे.
> आंगनबाड़ी केंद्र एवं छोटे बच्चों के विद्यालय (प्री-स्कूल) खोले जा सकेंगे.
> ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण की व्यवस्था के विकल्प को भी उपलब्ध रखा जाएगा.
> सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थान भी सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे.
> कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय तथा अनुसूचित जाति/जनजाति, आवासीय विद्यालय/कर्पूरी छात्रावासों का संचालन पहले की भांति अनुमान्य होगा.
> राज्य सरकार के आयोगों, पर्षद, बोर्ड एवं अन्य समतुल्य संस्थानों तथा राज्य के विश्वविद्यालयों / कॉलेजों / विद्यालयों द्वारा सभी तरह की परीक्षाएं कोविड अनुकुल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ आयोजित की जा सकेंगी.
> स्वास्थ्य विभाग शैक्षणिक संस्थानों के वयस्क छात्र छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मियों के लिए टीकाकरण की विशेष व्यवस्था यथावत जारी रखेगा.
> सभी कोचिंग संस्थान सामान्य रूप से खोले जा सकेंगे. कोचिंग संस्थानों में केवल कोविड टीका प्राप्त व्यक्तियों को ही कार्य करने की अनुमति होगी. सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां कार्यरत कर्मियों का टीकाकरण सुनिश्चित करना होगा तथा उनकी विवरणी सहित सूची संधारित करनी होगी.
> शिक्षा विभाग द्वारा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क पहने आदि से संबंधित कोविड अनुकुल व्यवहार की जानकारी बच्चों को दी जायेगी ताकि उन के माध्यम से अभिभावकों को भी जागरूक किया जा सके.

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सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के आयोजन जिला प्रशासन की पूर्वानुमति तथा कोविड अनुकुल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ किया जा सकेगा. जिला प्रशासन को आयोजन में अनुमान्य व्यक्तियों की अधिकतम संख्या के निर्धारण का अधिकार होगा.

विवाह समारोहों का आयोजन कोविड अनुकुल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ किया जा सकेगा, किंतु इनमें डीजे एवं बारात जुलूस की इजाजत नहीं होगी. विवाह की पूर्व सूचना स्थानीय थाने को कम से कम 3 दिन पहले देनी होगी. अंतिम संस्कार/ श्राद्ध कार्यक्रम भी कोविड अनुकुल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ आयोजित किये जा सकेंगे.

सभी पार्क एवं उद्यान सामान्य रूप से खुल सकेंगे. संबंधित पार्क/उद्यान प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि आगंतुकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से संबंधित कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अनिवार्य अनुपालन किया जाए.

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सभी धार्मिक स्थल सामान्य रूप से खुल सकेंगे. संबंधित धार्मिक स्थल का प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि वहां आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से संबंधित कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अनिवार्य अनुपालन किया जाए.

सभी प्रकार के सामाजिक / राजनीतिक / मनोरंजन / खेलकूद / शैक्षणिक / सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन/समारोह जिला प्रशासन की पूर्वानुमति तथा कोविड अनुकुल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ किये जा सकेंगे.

राजगीर में अवस्थित कुंड भी आम जनता के लिए खुले रहेंगे. कुंड में स्नान हेतु आने वाले व्यक्तियों की रैपिड एंटीजेन टेस्ट के माध्यम से जांच कराई जाएगी. इस जांच से वैसे व्यक्ति मुक्त रहेंगे, जिनके पास विगत 72 घंटों का RTPCR निगेटिव जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो. जिला प्रशासन को आयोजन में अनुमान्य व्यक्तियों की अधिकतम संख्या के निर्धारण का अधिकार होगा.

सभी सिनेमा हॉल दर्शकों की कुल क्षमता की 50% के उपयोग के साथ सामान्य रूप से खुल सकेंगे. सिनेमा हाल प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि आगंतुकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से संबंधित कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अनिवार्य अनुपालन किया जाए.

सभी शॉपिंग मॉल कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ सामान्य रूप से खुल सकेंगे.

क्लब, जिम एवं स्विमिंग पूल कुल क्षमता के 50% उपस्थिति के साथ खुल सकेंगे. स्टेडियम (इनडोर सहित) और स्पोर्ट्स कंपलेक्स खोले जा सकेंगे. किंतु उपयुक्त सुविधाओं का उपयोग केवल कोविड टीका प्राप्त (vaccinated) व्यक्तियों के लिए अनुमान्य होगा. संबंधित प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करेगा कि उनके सभी कर्मी कोविड टीका ले चुके हों. संबंधित प्रतिष्ठान प्रबंधन यह भी सुनिश्चित करेगा कि आगंतुकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहने आदि में संबंधित कोविड अनुकुल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया का अनिवार्य अनुपालन किया जाए.

रेस्टोरेंट्स एवं खाने की दुकानों का संचालन आगंतुकों की बैठने की कुल क्षमता के अधिकतम 50% उपयोग की अनुमति के साथ अनुमान्य होगा. संबंधित प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करेगा कि उनके सभी कर्मी कोविड टीका ले चुके हो.

सभी सरकारी कार्यालय एवं गैर सरकारी कार्यालय प्रतिदिन सामान्य रूप से खुल सकेंगे. सरकारी कार्यालयों में केवल कोविड टीका प्राप्त (vaccinated) आगंतुकों का प्रवेश अनुमान्य होगा.

न्यायिक प्रशासन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा लिया गया निर्णय प्रभावी होगा.

सार्वजनिक परिवहन में निर्धारित बैठने की क्षमता के 100% के उपयोग की अनुमति रहेगी. किंतु खड़े होकर तथा बस की छत पर बैठकर यात्रा की अनुमति नहीं होगी.

सार्वजनिक एवं निजी वाहनों में सभी के लिए मास्क पहनना आवश्यक होगा. इनका पालन नहीं करने पर उचित कार्यवाई की जाएगी.

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस अवधि में कोविड संक्रमण की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा कोविड जांच की संख्या में निर्धारित मानकों के अनुरूप वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही वैसे राज्यों, जहां अभी भी कोरोना संक्रमण के ज्यादा मामले आ रहे हैं अथवा डेल्टा प्लस वेरीअन्ट के मामले सामने आ रहे हैं, से वायुयान, रेल, ट्रकों एवं अन्य वाहनों के माध्यम से प्रवेश करने वाले यात्रियों की अनिवार्य रूप से राज्य की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों एवं हवाई अड्डों पर रैपिड ऐन्टिजन टेस्ट के माध्यम से जांच कराई जाएगी. इस जांच से वैसे व्यक्ति मुक्त रहेंगे जिनके पास विगत 72 घंटों का RTPCR निगेटिव जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो.

जिला पदाधिकारी स्थानीय परिस्थितियों की समीक्षा कर उपर्युक्त प्रतिबंधों के अलावे एवं अधिक सख्त प्रतिबंध लगा सकेंगे, लेकिन किसी भी परिस्थिति में उपर्युक्त प्रतिबंधों को शिथिल नहीं किया जा सकेगा.

कोरोना के तीसरे लहर के आगमन की संभावनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन समूह द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाएगी. सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहने आदि से संबंधित कोविड अनुकुल व्यवहार का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा और जिला प्रशासन द्वारा कड़ाई से अनुपालन भी कराया जाएगा.

जिला प्रशासन भीड़-भाड़ वाले स्थानों जैसे, सब्जी मंडी, बाजार आदि तथा सार्वजनिक वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहने आदि से संबंधित कोविड अनुकुल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) का सख्त रूप से अनुपालन कराना सुनिश्चित करेगा. यदि किसी स्थान, बाजार, प्रतिष्ठान में निरंतर निर्देशों के बावजूद उक्त संचालन प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया जा रहा हो तो उन्हें अस्थाई रूप से बंद करने के साथ अन्य सख्त कानूनी कार्यवाई की जा सकती है.

सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऊपर दिए गये गाइडलाइनों के अनुपालन के लिए आईपीसी की धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा जारी करेंगे.

साथ ही, उपरोक्त आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60 एवं भा.दं.वि. की धारा 188 के प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी.