बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस और ट्रैफिक के नियम बदले

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) : बिहार के परिवहन मंत्री संतोष निराला ने शुक्रवार को राजधानी के अधिवेशन भवन में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नए नियमों को लागू करने की घोषणा की. अब से बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए चालक का पढ़ा लिखा होना बहुत जरूरी होगा. शुक्रवार से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदक को ऑनलाइन टेस्ट पास करना होगा.

परिवहन मंत्री संतोष निराला ने बताया कि नए नियमों के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन कंप्यूटर के सामने बैठकर टेस्ट पास करना होगा. कम से कम 50% सवालों का सही जवाब देना ही पड़ेगा अन्यथा आवेदक को उत्तीर्ण नहीं माना जायेगा और उसका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन पायेगा. ऑनलाइन टेस्ट के लिए हिंदी और अंग्रेजी दो भाषाओ को रखा गया है. इस तरह के नियम से सबसे बड़ी दिक्कत उन लोगों को होने वाली है जो पढ़े लिखे नहीं हैं तथा जिनको कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है. अब ऐसी हालत में व्यावसायिक वाहन चलाने वालों को लाइसेंस बनवाने के लिए बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.

ड्राइविंग लाइसेंस के ऑनलाइन टेस्ट में ट्रैफिक के नियम, ट्रैफिक साइन, दुर्घटना आदि के संबंध में सवाल पूछे जायेंगे. गाड़ी में कौन कौन से आवश्यक पेपर होना अनिवार्य है? गाड़ी को ओवरटेक करने का और मुड़ने क्या नियम होता है? इसी तरह के यातायात से सम्बंधित प्रश्न पूछे जायेंगे. टेस्ट में सही जवाब देने वालों को ही लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा. टेस्ट में फेल होने वाले आवेदक का ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन सकेगा.

परिवहन विभाग ने बिहार के सभी जिलों में मोटर वाहन अधिनियमों का उल्लंघन करने और यातायात के नियम तोड़ने पर ऑन स्पॉट ई चालान काटकर हैंड हेल्ड डिवाइस के जरिए जुर्माना वसूलने का प्रावधान बनाया गया है. जुर्माने की राशि का भुगतान डेबिट, क्रेडिट कार्ड के अलावा पेटीएम से भी किया जा सकता हैं. हैंडहेल्ड डिवाइस से ई चालान कटने पर हर वाहन चालक उल्लंघनकर्ताओं का सिस्टम में रिकॉर्ड दर्ज किया जायेगा और  बार बार नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का नियम भी लागू किया गया है. परिवहन विभाग के द्वारा इन सभी नियमों को शुक्रवार से लागू किया गया है.