कोरोना के कारण नाबार्ड ने सादगी से मनाया अपना 40वां स्थापना दिवस

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| नाबार्ड ने 12 जुलाई 2021 को अपने अस्तित्व के 39 शानदार वर्षों को पूरा किया. सोमवार को नाबार्ड (NABARD) ने अपना 40वां स्थापना दिवस मनाया. कोविड-19 महामारी (Covid 19 Pandemic) को देखते हुए पटना स्थित बिहार क्षेत्रीय कार्यालय में यह समारोह बड़ी सादगी के साथ मनाया गया.

नाबार्ड के स्थापना दिवस के अवसर पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ सुनील कुमार ने बिहार के मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण (Tripurari sharan, Chief secretary, Bihar) से औपचारिक मुलाक़ात किया. इस मुलाकात में उन्होंने मुख्य सचिव को देश एवं राज्य में नाबार्ड के कार्यकलापों से अवगत कराया. इस दौरान नाबार्ड के महाप्रबंधक विनय कुमार सिन्हा एवं उप महाप्रबंधक अमिताभ मोहन भी मौजूद थे.

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि नाबार्ड बिहार राज्य में पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय एवं सभी जिलों में ज़िला विकास प्रबन्धक के माध्यम से विभिन ऋण एवं गैर-ऋण पहलों को कार्यान्वित कर रही है. साथ हीं, कृषि तथा ग्रामीण विकास में नीतिगत पहलों के संबंध में सरकार और राज्य के लोगों के सक्रिय सहयोगी के रूप में कार्यरत है. यह किसानों की बेहतर आय सुनिश्चित करने के लिए किसान उत्पादक संगठन का संवर्धन भी कर रही है.

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, आरआईडीएफ़, Rural Infrastructure assistance to State Government (RIAS) एवं परियोजना केन्द्रित विभिन्न अन्य योजनाओं के माध्यम से राज्य में ग्रामीण आधारभूत संरचना के सुदृढीकरण हेतु सरकार की साझेदार रही है.

उन्होने यह भी बताया कि राज्य में वर्ष 2020-21 के दौरान नाबार्ड द्वारा 7129 करोड़ रु की वित्तीय सहायता की गयी है. साथ ही, वित्तीय वर्ष 2021-22 में, नाबार्ड एफपीओ के प्रचार और वित्तपोषण, ग्रामीण बुनियादी ढांचा विशेष रूप से पेयजल, सिंचाई और ग्रामीण स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए वित्तपोषण, फसल कटाई के बाद प्रबंधन और सहकारी क्षेत्र के विकास को मजबूत करने पर ध्यान केन्द्रित करेगा एवं आत्म निर्भर बिहार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण ने नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक एवं समस्त स्टाफ सदस्यों को 40वें स्थापना दिवस की बधाई दी. उन्होंने कहा कि नाबार्ड ने अपने अस्तित्व में आने के उपरांत ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है. ग्रामीण समाज की बेहतरी में नाबार्ड ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

मुख्य सचिव ने कहा कि नए मंत्रालय “सहकारिता मंत्रालय” (Cooperation Ministry) के निर्माण के मद्देनजर नाबार्ड सहकारी क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उन्होने यह उम्मीद जतायी कि आने वाले वर्षों में नाबार्ड ग्रामीण समृद्धि हेतु अपने प्रयासों में और सक्रियता लाते हुए देश के विकास बैंक के रूप में अपने पहचान को और सशक्त करेगा.

नाबार्ड के स्थापना दिवस के इस अवसर पर नाबार्ड, बिहार क्षेत्रीय कार्यालय के विभिन्न कार्यकलापों पर आधारित दो पुस्तिकाओं- “Developmental footprints in Bihar” और “Unit Cost (2021-22)” का विमोचन भी किया गया.