नहीं लगेगी ऐसे बच्चों की पढ़ाई पर ब्रेक, नई गाइडलाइंस जारी

नई दिल्ली/पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)। कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमण के समय में लॉकडाउन ने लोगों की दिनचर्या तथा लाइफ स्टाइल बदल कर रख दी है. इस समय लोग अपना काम धंधा छोड़ अपनी फैमिली के साथ वापस अपने गांव लौट गए हैं. इस कारण उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई छूट गई है. वापस गांव पहुंचे इन प्रवासी मजदूरों को किसी भी परेशानी से बचाने के लिए सरकार पूरी ताकत से जुड़ी है.

इसी बीच मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इन प्रवासियों के बच्चों की पढ़ाई पर लगे ब्रेक को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पांच बिंदुओं का नया गाइडलाइंस जारी किया है. एचआरडी मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के अनुसार जो बच्चा जहां है, अब उसे वहीं पढ़ाया जाएगा. इसके लिए मंत्रालय ने सभी राज्यों से ऐसे बच्चों का डाटा संकलित करने को कहा है.

साथ ही मंत्रालय ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि ऐसे बच्चों को बगैर किसी दस्तावेज यानी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) के सिर्फ पहचान पत्र के आधार पर संबंधित कक्षाओं में प्रवेश दिया जाए.

ताकि पढ़ाई न छूटे

मंत्रालय ने कहा है कि यह कोशिश की जाए कि जो बच्चा लॉकडाउन के दौरान वापस अपने गांव पहुंचा है, उसकी पढ़ाई न छूटे. इसके लिए राज्यों को प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ऐसे बच्चों की जानकारी जुटाने को कहा गया है. ऐसे बच्चों को मिड-डे मील सहित दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ किताबें, स्कूल ड्रेस आदि भी उपलब्ध कराने को निर्देश दिया गया है.

आप ये भी पढ़ना चाहेंगे –
जंगलराज का मॉडल नहीं चलने वाला -JDU
सुशील मोदी पर तेजस्वी का करारा वार
उन्हें कुर्सी के स्वास्थ्य के आगे नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं
विश्व में Corona वायरस की पहली वैक्‍सीन रूस से जल्द ?

सभी राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश करे डाटा तैयार

पांच बिंदुओं पर जारी इस गाइडलाइन में मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों से प्रवासी मजदूरों के बच्चों का डाटा भी तैयार करने को कहा है. इस डाटा में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के साथ साथ गांवों में पहुंचे बच्चों का पूरा ब्योरा देने को कहा गया है.

सूत्रों के अनुसार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ऐसे बच्चों को कुछ सीधी मदद भी दे सकता है. जैसा की मालूम है, इन दिनों प्रवासी मजदूरों का डाटा तैयार कर केंद्र उन्हें स्थानीय स्तर पर मनरेगा जैसी योजनाओं के द्वारा कुछ काम देने की कोशिश में जुटा हुआ है.

Advertisements