आईआईटी पटना ने बनाया 3 सेकेंड में कोरोना वायरस को खत्‍म करने की मशीन

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| आईआईटी पटना (IIT Patna) स्थित इंक्यूबेशन सेंटर के छात्रों ने कोरोना से लड़ने को एक बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. इनके द्वारा एक ऐसी मशीन का आविष्कार किया गया है जिससे 3 सेकंड के अंदर कोरोना वायरस (Corona Virus) को खत्म किया जा सकता है.

सोमवार को आईआईटी पटना इनक्यूबेटेड किंगशाही इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड (Incubated Kingshahi Innovation Pvt Ltd) ने पटना के IMA हॉल में अपनी इस फुल बॉडी डिसइंफेक्टेंट मशीन (Full Body Disinfectant Machine) लॉन्च किया.

इस मशीन का उद्घाटन आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद प्रसाद (Dr. Sahajanand Prasad, National President of IMA) और निदेशक आईआईटी पटना प्रो त्रिलोक नाथ सिंह (Prof. Trilok Nath Singh, Director IIT Patna) ने संयुक्त रूप से किया. इस मौके पर एम्स पटना (Patna AIIMS) के डॉ योगेश कुमार, डीएस, डॉ यतेंद्र कुमार सिंह, प्रभारी इंक्यूबेशन सेंटर आईआईटी पटना, जोसेफ पॉल अरकलान भी उपस्थित रहे. इनके अलावे उद्घाटन समारोह में इनक्यूबेशन सेंटर के मैनेजर समेत अन्य लोग भी उपस्थित थे.

इस मौके पर आईआईटी के निदेशक प्रो त्रिलोक नाथ सिंह ने फुल बॉडी डिसइंफेक्टेंट मशीन को विकसित करने वाले किंगशाही इनोवेशन को बधाई दी और उनकी सफलता की कामना की.

उद्घाटन सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आईआईटी पटना उन नई खोजों (innovations) को बढ़ावा देने के लिए बहुत उत्सुक है जो समाज के लिए उपयोगी हैं. ऐसे स्वदेशी समाधान विकसित करने में काम करने वाले उद्यमियों को आईआईटी पटना प्रोत्साहित भी करता है. उन्होंने कहा कि एम्स पटना के साथ सहयोग चिकित्सा और स्वास्थ्य देखभाल के लिए यह नया आविष्कार विशेष रूप से फायदेमंद होगा.

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सभा को संबोधित करते हुए डॉ सहजानंद प्रसाद ने कहा कि इस मशीन को स्वास्थ्य सुविधा में हरेक क्षेत्र के इंटरफेस पर संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकने के लिए विकसित किया गया है. उन्होंने कहा कि यह उपकरण COVID-19 के अलावे भी उपयोगी सिद्ध होगा क्योंकि यह अन्य संक्रामक रोगों के प्रसार को भी रोकने में सक्षम है. उन्होंने इस मशीन के आविष्कार करने वालों का उत्साहवर्धन भी किया.

किंगशाही इनोवेशन के सह-संस्थापक और सीईओ बरुन कुमार शाही ने पटना एम्स के डॉ योगेश कुमार तथा डॉ बिनोद कुमार पाटी और आईआईटी पटना के इनक्यूबेशन सेंटर की टीम को धन्यवाद दिया. शाही ने इस मशीन के सत्यापन परीक्षण करने के लिए आईसीएमआर (ICMR) को भी धन्यवाद दिया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अभी ट्रायल के तौर पर यह मशीन पटना एम्स में लगाई गई है.

बरुन कुमार शाही ने मशीन की विशेषताओं को बताते हुए कहा कि यह 3 सेकंड के भीतर संक्रामक एजेंटों जैसे वायरस, बैक्टीरिया और कवक को बेअसर कर देता है, जो लोगों के लिए अधिक प्रभावी, तेज और सुरक्षित है. इस मशीन से लिक्विड नहीं बल्कि वेपर यानी वाष्प निकलता है जो लोगों के गर्दन से नीचे के शरीर को डिसइन्फेक्ट करता है.