चार जिलों में होगा घर घर स्क्रीनिंग का काम

. कोरोना का कोई मरीज न रह जाए इसके लिए होगा हर घर की जांच
. बिहार में अब तक 66 कोरोना पाजिटिव, 28 हुए स्वस्थ
. एक औऱ अहम फैसले में प्रसव के लिए दिया जाएगा निजी एंबुलेंस का खर्चा

पटना (शिवांगनी नारायण) । बिहार में कोरोना के संक्रमण (corona infection) को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग (department of health) चार जिलों में सघन जांच अभियान करेगा है. स्वास्थ्य विभाग की बैठक में यह फैसला लिया गया. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (health minister of Bihar Mangal Pandey) ने इस बावत अधिकारियों को साफ निर्देश दिए और कहा है कि संक्रमण को रोकने के लिए हर जरुरी कदम उठाए जा रहे है.

बिहार में इस समय 66 कोरोना पाजिटिव मरीज है जिसमें 28 ठीक गए है. बिहार में अब तक 7650 से अधिक सैंपल की जांच हुई है.

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में इस समय 17926 पीपीई किट, 2 लाख 40 हजार 475 थ्री प्लाय मास्क, 85 हजार 437 एन 95 मास्क, 29 हजार 173 हैंड सेनिटाइजर का 500 एमएम का बोतल, 9000 आरएनए एक्सट्रेशन किट उपलब्ध है. अधिकारियों ने साफ किया कि किसी भी सामान की कमी नहीं होने दी जाएगी.

बिहार सरकार ने एक और महत्वपूर्ण फैसले में प्रसव हेतु सरकारी अस्पतालों में प्राइवेट एंबुलेंस से प्रसुता को पहुंचाए जाने पर एंबुलेंस का खर्चा उठाने का फैसला लिया है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि प्राइवेट एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल पहुंचने पर प्रसुता को सरकार की तफ से पांच सौ रुप्या की सहायता की जाएगी और यह रकम उसके खाते में सीधे जाएगा. स्वाश्त्य विभाग ने सदर औऱ अनुमंडलीय अस्पताल में प्रसव औऱ आपातकालीन सेवाओँ को शुरु करने का भी निर्देश गया है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि सोमवार से मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में 13 सैंपलों के साथ जांच का कम शुरु हो गया है. स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न स्तरों पर दी जी रही स्वास्थ्य सुविधाओँ, खासकर ट्रेसिंग, स्क्रीनिंग, जांच, दवा और उपकरणों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली और इस बाबत कोई कमी ना रह जाए, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए.

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