किसानों को कर्फ्यू पास जारी, जानिए क्यों…

पटना (TBN रिपोर्ट) | किसानों को अन्तरराज्यीय कर्फ्यू पास निर्गत किए गए है. ये पास उन्हें बिहार सरकार द्वारा पंजाब व हरियाणा से गेहूं की कटनी के लिए कम्बाइंड हार्वेस्टर के चालक व तकनीशियन को बिहार लाने के लिए निर्गत किए गया हैं.
यह बात मंगलवार को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कही. उन्होंने बताया कि किसानों को 750 से अधिक अन्तरराज्यीय कर्फ्यू पास निर्गत किए गए हैं. इसके साथ कृषि रसायन, बीज व कृषि यंत्रों के आपूर्तिकर्ता व बिक्रेताओं को भी लॉकडाउन से मुक्त रखा गया है.
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि गेहूं की कटनी के दौरान पहले पंजाब व हरियाण से वहां के चालक और तकनीशियन स्वयं कम्बाइंड हार्वेस्टर लेकर बिहार आते थे. पिछले दिनों सरकार से प्राप्त सब्सिडी से यहां के किसान बड़ी संख्या में कम्बाइंड हार्वेस्टर खरीद लिए हैं, मगर बिहार में इनको चलाने के लिए ड्राइवर एवं तकनीशियन का नहीं हैं.
अतः इस स्थिति में स्मूथ कटनी के लिए सरकार ने यहां के किसानों को अन्तरराज्यीय कर्फ्यू पास निर्गत किया है. इन कर्फ्यू पास के कारण वे अपनी गाड़ी से पंजाब व हरियाणा से चालक व तकनीशियन को बिहार ला सकते हैं. कई किसान उन्हें लाने हेतु पंजाब व हरियाणा के लिए निकल चुके हैं.
उपमुख्यमंत्री के अनुसार अब बिहार सरकार ने यह तय किया है कि अब यहां के लोगों को इस हार्वेस्टर को चलाने तथा उसकी मरम्मत करने का प्रशिक्षण दिया जायेगा. इससे आगे से दूसरे राज्यों से किसी को बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.
जैसा की मालूम है, बिहार सरकार ने पहले ही कृषि कार्यों को लॉकडाउन से मुक्त रखा है. इसके लिए कई दिशा-निर्देश व एहतियात बरतने की एडवाजरी भी जारी किया गया था.
लेकिन इसकी सूचना सभी जगह नहीं पहुंचने के कारण खाद-बीज, कृषि उपकरण, ट्रैक्टर वर्कशॉप आदि की सभी दुकानें व प्रतिष्ठान पूरी तरह से नहीं खोले गए हैं. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कृषि रसायन, बीज, कृषि यंत्रों, मिल्क बूथ, डेयरी उत्पाद, पशु-पक्षी के आहार आदि के परिवहन व बिक्री को सुगम बनाएं ताकि किसी को परेशानी नहीं हो.

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