तेजी से बढ़ता कोरोना संक्रमण का आंकड़ा पहुँचा 57270, तेजस्वी ने लगाया यह आरोप

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों में काफी उछाल आया है. वही आज की बात करे तो वायरस से पिछले 24 घंटे के अंदर 10 लोगों की जान चली गई है. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब तक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 322 चुकी है. एक दिन के अंदर कोरोना टेस्ट का आंकड़ा 35 हजार के ऊपर जा चूका है. पिछले 24 घंटे में राज्य के अंदर 35619 सैंपल की जांच की गई है. पिछले 24 घंटे के अंदर राज्य में कोरोना टेस्ट की रफ्तार में इजाफ़ा हुआ है.

ऐक्टिव मरीजों की संख्या 20310

बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कुल 35619 सैम्पल की जांच हुई है. अबतक कुल 36637 मरीज ठीक हुए हैं तथा अब COVID19 के active मरीजों की संख्या 20310 है. राज्य में कोरोना मरीजों का रिकवरी प्रतिशत 63.97 है.

तेजस्वी का आरोप

इधर विधानमंडल में नेता प्रतिपक्ष तथा आरजेडी विधायक तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया है कि कोरोना जांच के नाम पर सरकार आंकड़ों का गेम खेल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की संख्या बढ़ाने के लिए 5 महीने बाद सरकार रैपिड एंटीजन किट से टेस्ट कर रही है जिसका रिपोर्ट संदेहास्पद है. इससे बीमारी का सही पता नहीं चलता.

तेजस्वी ने कहा कि सरकार अब आरटीपीसीआर टेस्ट नाम मात्र को करवा रही है. जबकि ‬संक्रमण की वास्तविक स्थिति इसी जांच से होती है. उन्होंने सरकार से आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाने की मांग की.

सरकार पर आरोप लगते हुए तेजस्वी ने कहा कि नीतीश सरकार अपनी विफलताएं छिपाने के लिए लोगों की जान के साथ खेल रही है. उन्होंने कहा कि पूरा देश जान गया है कि हमारे राज्य के हॉस्पिटलों में बेसिक सुविधाओं की जबरदस्त कमी है.

उन्होंने नीतीश कुमार पर फिर से आरोप लगाया कि लॉकडाउन में बाहर से करीब 40 लाख मजदूर वापस अपने राज्य आए लेकिन मुख्यमंत्री घर में ही छिपे रहें. उल्टा नीतीश कुमार ने उन लौटते मजदूरों को राज्य में नहीं घुसने देने का डर दिखाया था. अब कोरोना महामारी के दौरान ही राज्य में बाढ़ आई हुई है जिससे 40 लाख लोग प्रभावित हैं, फिर भी मुख्यमंत्री बाहर नहीं निकल रहे हैं.

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