सेवाशर्त के जरिये शिक्षकों को बंधुआ बनाये रखने की साजिश नहीं चलेगी – शिक्षक संघ

शोषणमूलक सेवाशर्त के जरिये शिक्षकों को बंधुआ बनाये रखने की साजिश नहीं चलेगी
सहायक शिक्षक – राज्यकर्मी का दर्जा दो तदनुरूप सेवाशर्त दो
डीए काटकर वेतनवृद्धि का लालीपाप नही चलेगा
सबके लिए ऐच्छिक स्थानान्तरण, ग्रैच्युटी, अर्जितावकाश, बीमा, ACP, शिशु देखभाल अवकाश की सुविधा लेकर रहेंगे
प्रोसपेक्टिव नही मूल वेतन के आधार पर इपीएएफ देना होगा
शोषणमूलक सेवाशर्त के खिलाफ भड़के शिक्षक
मनाया राज्यव्यापी काला दिवस जिला मुख्यालयों पर जलाई सेवाशर्त की प्रतियां
20 अगस्त से 27 अगस्त तक राज्यव्यापी प्रतिरोध सप्ताह
बदला लो- बदल डालो के आह्वान के साथ 05 सितंबर को सूबे के टीइटी एसटीइटी शिक्षक मनायेंगे शिक्षक संकल्प दिवस

पटना (TBN – the bihar now डेस्क) | बहुत समय से प्रतीक्षित सेवाशर्त में शिक्षकों की मांगों को दरकिनार किये जाने के खिलाफ सूबे के टीइटी एसटीइटी शिक्षकों में व्यापक आक्रोश दिख रहा है. वर्षों से सेवाशर्त विहिन सेवा कर रहे टीइटी एसटीइटी सभी नियोजित शिक्षकों को सरकार से बेहद उम्मीद थी. लेकिन सरकार ने सबके लिए ऐच्छिक स्थानान्तरण, ग्रेच्युटी, बीमा, 300 दिनों का पूर्ण अर्जितावकाश, महिला शिक्षिकाओं को 2 साल का शिशु देखभाल अवकाश, ACP लाभ समेत राज्यकर्मियों को हासिल सेवा-सुविधाओं से पल्ला झाड़ कर बेहद निराश किया है.

सेवाशर्त के खिलाफ राज्यव्यापी काला दिवस मनाया

शिक्षकों ने इस नये सेवाशर्त को शिक्षकों को बंधुआ बनाये रखने का दस्तावेज करार दिया है. टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट ने शोषणमूलक सेवाशर्त के खिलाफ आज राज्यव्यापी काला दिवस मनाया. राज्यव्यापी काला दिवस मनाते हुए शिक्षकों ने सूबे के सभी जिला या प्रखंड मुख्यालयों पर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए प्रतिरोध सभा आयोजित कर मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री का पुतला फूंका और सेवाशर्त की प्रतियां जलाई.

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक एवं प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पाण्डेय ने कहा कि सेवाशर्त निर्धारण में सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के मानदंडों, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक सुझावों का बेशर्म उल्लंघन किया है. जहां प्रोन्नति एवं पदोन्नति के मसले पर सब धन बाइस पसेरी का चुनावी तिकड़म स्पष्ट है वहीं सेवाशर्त में शिक्षिकाओं को दो साल के शिशु देखभाल अवकाश एवं सारे कर्मियों को देय ग्रेच्युटी एवं बीमा जैसे संवैधानिक लाभ का जिक्र तक नही है. जहां इपीएएफ में प्रोस्पेक्टिव इफैक्ट के हवाले से कटौती की गई है वहीं स्थानान्तरण की जगह म्युच्युअल स्थानान्तरण का जुमला धोखाधड़ी के अलावे और कुछ नही है. सेवाशर्त में पात्रता की अनदेखी कर कर सूबे के टीइटी एसटीइटी शिक्षकों के संवैधानिक हकों को कुचलने की साजिश की गई है. सड़क से लेकर न्यायालय तक मजबूती से इस शोषणमूलक छलावापूर्ण सेवाशर्त का विरोध किया जायेगा.

शिक्षक चुप नहीं बैठनेवाले

गोपगुट के प्रदेश सचिव अमित कुमार, शाकिर इमाम, नाजिर हुसैन, एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष संजीत पटेल बताया कि टीइटी एसटीइटी शिक्षकों की हकमारी के खिलाफ शिक्षक चुप नही बैठनेवाले हैं. 20 अगस्त से 27 अगस्त तक राज्यव्यापी प्रतिरोध सप्ताह मनाते हुए प्रतिदिन विश्वासघात करनेवाली सरकार के खिलाफ कैंपेन चलाया जायेगा.

“बदला लो- बदल डालो” के आह्वान के साथ 05 सितंबर को सूबे के टीइटी एसटीइटी शिक्षक, शिक्षक ‘संकल्प दिवस’ मनाकर तानाशाह एनडीए सरकार को उखाड़ फेकने का संकल्प लेंगे. उन्होने कहा कि सेवाशर्त के नाम पर शिक्षकों को बंधुआ बनाये रखने की साजिश नही चलेगी.

टीइटी एसटीइटी शिक्षकों को सहायक शिक्षक – राज्यकर्मी का दर्जा, तदनुरूप सेवाशर्त से कमतर शिक्षको को कुछ भी मंजूर नही.