एसएमएस से भरे GST रिटर्न, शून्य कारोबार करने वालों को बड़ी राहत

पटना (TBN डेस्क) | अब मात्र एक एसएमएस भेज कर छोटे कारोबारी अपना जीएसटी रिटर्न भर सकेंगे. ये सूचना प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दी. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण जीएसटी के अन्तर्गत शून्य करदेयता वाले कारोबारियों को केन्द्र सरकार ने बड़ी राहत दी है.

मोदी ने बताया कि जीएसटी कौंसिल ने शून्य कर देयता वालों के लिए मासिक विवरणी दाखिल करने की बाध्यता खत्म करते हुए उन्हें अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर से एसएमएस के जरिए रिटर्न दाखिल करने की सहूलियत दी है.

उन्होंने बताया कि बिहार के कुल 4.32 लाख करदाताओं में पिछले साल 70 हजार ने शून्य रिटर्न दाखिल किया था. इन सबों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा. वैसे, राज्य के 89% करदाताओं से GST का कुल 11% और 20% बड़े करदाताओं से कर 89% प्राप्त होता है.

मोदी ने कहा कि पहले हरेक करदाता को अगर उनकी कर देयता शून्य है तब भी उन्हें मासिक विवरणी दाखिल करने के लिए जीएसटीएन (GSTN) के पोर्टल पर लॉगिन कर प्रत्येक माह जीएसटीआर-3बी (GSTR-3B) फार्म के अनेक कॉलम को भरना होता था.

लेकिन अब शून्य कर-देयता वाले कारोबारी अपने रेजिस्टर्ड मोबाइल से 14409 पर SMS करेंगे तो उन्हें एक ओटीपी (One Time Password) मिलेगा, जिसको कन्फर्म करने के बाद उनका रिटर्न दाखिल समझ जाएगा.

कम्पोजिशन स्कीम में शामिल करदाताओं के अतिरिक्त हर करदाता को जीएसटीएन पोर्टल पर जीएसटीआर-3बी फार्म भरना अनिवार्य है, जिसके आधार पर वे कर का भुगतान करते हैं. अगर वे निर्धारित तिथि तक कर का भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें 50 रु. प्रतिदिन तथा शून्य करदेयता की स्थिति में भी 20 रु. प्रतिदिन की दर से दंड का भुगतान करना होता है. इसके साथ ही बड़ी संख्या में ऐसे व्यापारी भी हैं, जिन्होंने निबंधन तो करा लिया परंतु उनकी कोई करदेयता नहीं है, फिर भी उन्हें विवरणी दाखिल करनी पड़ी हैं.

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा सोमवार से एसएमएस के जरिए रिटर्न दाखिल करने की दी गई सुविधा से शून्य करदेयता वाले सभी कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी.