बोधगया: प्रदूषित जल के कारण ग्रामीणों ने की दांतों की समस्या की शिकायत

गया (TBN – The Bihar Now डेस्क)| जिले के बोधगया प्रखंड के गौरबीघा गांव में सैकड़ों परिवार रहते हैं. इस गांव के अधिकांश लोग प्रदूषित पानी के कारण दांतों की समस्या (Villagers in Gaurbigha, Bodhgaya complain of dental issues due to polluted water) से पीड़ित होने की शिकायत करते हैं.

गौरबीघा की स्थानीय निवासी शीला देवी ने पानी के कारण होने वाली दांतों की समस्या पर अपनी बेबसी जाहिर की. शीला ने कहा, “2012 में जब मैं इस गांव में आई, तो उसके बाद से मेरे दांतों पर एक पीला दाग दिखाई देने लगा. यहां तक ​​कि यहां सभी गांव वालों के दांतों पर भी इसी ही तरह का पीला दाग था.” उसने यह भी कहा कि इस पीले दाग के पीछे मुख्य कारण खारा पानी है.

सलाइन की मात्रा अधिक

उसने आगे कहा कि सरकार की ओर से कोई भी अधिकारी आज तक उनके गांव के पानी की जांच करने नहीं आया है. शीला ने कहा, “कोई भी अधिकारी पानी की जांच करने नहीं आया. उसने कहा कि सक्षम लोग दूसरे गांव में पलायन कर रहे हैं।

गौरबीघा की एक अन्य निवासी काजल कुमारी ने कहा, “मैं यहां पैदा होने के बाद से ही इस समस्या का सामना कर रही हूं. खारे पानी के कारण मेरे दांत पीले हो गए.” उसने बताया कि पीले होने के बाद दांत सड़ने लगते हैं.

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सभी लोगों के दांतों पर एक ही तरह का दाग नजर आता है और पीले होने के बाद दांत सड़ने लगते हैं. एक अन्य स्थानीय निवासी रामदीप कुमार ने कहा, ‘सलाइन की मात्रा अधिक होने के कारण दांतों पर पीले धब्बे पड़ रहे हैं’.

उम्र के अनुसार बच्चों का मानसिक विकास नहीं

इधर, बसाधी पंचायत के उप प्रमुख, मनोरंजन समदर्शी ने इस मामले में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा, “वार्ड नंबर 9 में फ्लोराइड की सांद्रता अधिक है और जिसके कारण लोग दांतों की समस्या से पीड़ित हैं और इससे शरीर की रूपरेखा भी बदल रही है. इसका बच्चों और महिलाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है. बच्चों और महिलाओं में, हमने पाया कि उम्र के अनुसार बच्चों का मानसिक विकास नहीं होता है.”

इससे कुंवारे लोगों के लिए परेशानी

उप प्रमुख ने आगे कहा कि इससे कुंवारे लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है. उन्होंने कहा, ”दूसरे गांवों के लोग भी यहां संबंध बनाने से कतराते हैं. कोई भी कुंवारे लोगों के दांत पीले होने की वजह से शादी नहीं करना चाहता.”

उप प्रमुख के रूप में उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा, ”बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल जल योजना इस गांव तक नहीं पहुंची है. साथ ही, वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए सरकार के स्तर पर कोई पहल नहीं की गई है. संबंधित अधिकारियों और जांच की मांग करें.”

बोधगया प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ मनोज कुमार का कहना है कि अभी तक ऐसा नहीं हुआ था. आज जानकारी मिली तो इस गांव में एक टीम भेजी जाएगी और मामले की जांच की जाएगी.