नगर निकाय चुनाव: दो चरणों में होंगे मतदान, अधिसूचना जारी

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकायों में आम चुनाव की अधिसूचना जारी (Notification issued for the election of municipal bodies by the State Election Commission) कर दी है. 224 नगर निकायों में दो चरणों में चुनाव होगा जिसमें 10 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को मतदान होगा. दो चरणों में वोटिंग होगी – पहले चरण में 156 नगर पालिका में 10 अक्टूबर को वोटिंग होगी जिसकी मतगणना 12 अक्टूबर को होगी. दूसरे चरण के लिए 20 अक्टूबर को वोट पड़ेंगे जबकि इनकी काउंटिंग 22 अक्टूबर को होगी.

आयोग के आयुक्त डॉ दीपक प्रसाद (State Election Commissioner Dr. Deepak Prasad) ने शुक्रवार को स्काडा भवन परिसर (SCADA Building Complex) में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि शेष 24 निकायों के तीसरे चरण में चुनाव होंगे. इसकी अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी. आयोग के अनुसार दो चरणों में 17 नगर निगम, 70 नगर परिषद और 137 नगर पंचायत के लिए चुनाव की घोषणा की गई है. इन निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गया.

यह भी पढ़ें| पीके ने कहा नीतीश बन जाये फेविकोल का ब्रांड एंबेसडर

इससे पूर्व बिहार नगरपालिका चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने मेयर और डिप्टी मेयर के आरक्षण कैटेगरी जारी कर दिया था. इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को नोटिफिकेशन जारी किया था जिसके अनुसार, कुल 19 नगरपालिकाओं में से 9 में महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है.

चुनावी खर्च की सीमा निर्धारित

राज्य निर्वाचन आयोग ने अगले महीने प्रस्तावित नगरपालिका आम चुनाव में उम्मीदवारों की चुनावी खर्च की सीमा भी निर्धारित कर दी है. आयोग के अनुसार नगर पंचायत में वार्ड पार्षद अधिकतम 20 हजार रुपये तो नगर निगम क्षेत्र में अधिकतम 80 हजार रुपये खर्च कर सकेंगे. इसी तरह नगर परिषद के वार्ड पार्षद उम्मीदवार 40 हजार रुपये तक अधिकतम खर्च कर सकेंगे.

नगर निगम के वार्ड पार्षद पद के लिए आबादी के अनुसार खर्च की सीमा तय की गई है. नगर निगम क्षेत्र में चार से दस हजार आबादी वाले वार्ड में अधिकतम 60 हजार रुपये खर्च करने की अनुमति होगी, जबकि दस से बीस हजार की आबादी वाले वार्ड में 80 हजार रुपये तक चुनाव में खर्च किए जा सकेंगे.

दो से अधिक संतान होने पर चुनाव नहीं लड़ सकते

बिहार में नगर निकाय आम चुनाव में दो बच्चों के माता-पिता ही उम्मीदवार हो सकते हैं. दो से अधिक संतान होने पर चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. नियम में ये भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी व्यक्ति के दो से अधिक संतान हैं और वे इनमें से किसी को गोद दे देते हैं, तो ऐसी स्थिति में भी उस बच्चे के जैविक पिता वही कहलाएंगे. जिस व्यक्ति ने गोद लिया है, वे उसके पिता नहीं माने जाएंगे.

(इनपुट-एजेंसी)