Corona Update – पंचायती राज संस्थाओं को नहीं मिली आवंटित राशि

पटना | कोरोना महामारी (corona pandemic) से बचाव के सरकारी प्रयासों को नौकरशाही द्वारा विफल किये जाने की खबरें भी आने लगी हैं. खबर यह है कि सरकार ने जिन तीन जिलों को रेड ज़ोन करार दिया है, उम्मीद यही थी कि इन तीन जिलों में प्रशासन अपनी मुस्तैदी दिखायेगा लेकिन यहां पंचायती राज संस्थाओं को काम करने के लिए आवंटित राशि अभीतक प्राप्त नही हुई है.

विदित हो कि 29 कोरोना पॉजिटिव के साथ सिवान पहले स्थान पर है और रेड ज़ोन में डाल गया है. के अलावा बेगूसराय और नवादा को भी रेड जोन में रखा गया है.

मंगलवार को बेगूसराय के मटिहानी से जदयू विधायक नरेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने कड़ी आपत्ति जताते हुए इस बात घर क्षोभ व्यक्त किया है कि बेगूसराय ज़िला प्रशासन राज्य सरकार के मंसूबों को विफल करने पर आमादा है. यहां गरीबों और बेरोजगारों को भोजन के लाले पड़ गए हैं और जिला प्रशासन इस मद की आवंटित राशि का बंदरबांट करने में लगा है.

सत्तारूढ़ दल के विधायक की तरफ से जिला प्रशासन की आलोचना से सियासत भी गरमा रही है जबकि सच यही है कि बेगूसराय जिला प्रशासन मुस्तैद नही है. अन्यथा कोई कारण नही है कि मटिहानी विधायक को कड़े तेवर दिखाने पड़ते.

रेड ज़ोन में आने वाला तीसरा जिला नवादा भी ऐसी ही स्थिति से गुज़र रहा है. यहां भी पंचायतों , प्रखंडों और जिला परिषद को आवंटित राशि उपलब्ध नही हुई है. इसका नतीजा यह है कि जिले के ग्रामीण इलाकों को कोरोना प्रभाव से मुक्त करने का ठोस प्रयास नही हो पा रहा है.
(वरिष्ठ पत्रकार अनुभव सिंहा)