कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर बिहार में अलर्ट

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| देश के पांच राज्यों में कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस (Corona Delta+) के 43 मामले मिलने के बाद बिहार में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है. राज्य में मिले संक्रमितों के सैम्पल को जेनेटिक मैपिंग के लिए भुवनेश्वर लैब भेजा जा रहा है.

बिहार सरकार ने अभी तक पीएमसीएच से कोरोना संक्रमितों के 15 सैम्पल के मैपिंग के लिए 6 लॉट भुवनेश्वर लैब भेजा है. दूसरे लहर के दौरान भेजे गए लगभग 70 सैम्पल में डेल्टा प्लस नहीं मिला है. लेकिन अब सैम्पल भेजने के काम को तेज कर दिया गया है.

कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस (Corona Delta Plus) ने पूरे विश्व की मुश्किल बढ़ा दी है. लगातार तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा कोरोना वायरस खतरनाक होता दिख रहा है. पहली लहर के दौरान भारत में कोरोना का अल्फा वैरिएंट पाया गया था जबकि दूसरी लहर में कोरोना का म्यूटेटेड वैरिएंट डेल्टा मिला है.

डॉ सत्येंद्र सिंह, जो पीएमसीएच में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट हैं, ने कहा है कि पहली लहर में मिले अल्फा वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है यह डेल्टा वैरिएंट. लेकिन अब डेल्टा+ नामक यह वैरिएंट कई गुना खतरनाक होने के कारण पूरे विश्व के लिए काफी चिंता की बात हैं.

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डॉ सत्येंद्र ने बताया कि भुवनेश्वर स्थित जेनेटिक मैपिंग लैब में वायरस के म्यूटेशन यानी बदले रूप की जांच होती है. पीएमसीएच से भेजे गए सैम्प्ल्स में एक भी डेल्टा+ का वैरिएंट नहीं पाया गया है. 80 से 90 % सैम्प्ल्स में डेल्टा ही पाया गया है जिसने देश में दूसरी लहर में अपना कहर दिखाया है.

डॉ सत्येंद्र ने कहा कि पहले पटना से भुवनेश्वर लैब भेजे जाने वाले सैम्प्ल्स 7 से 15 दिनों में एक बार भेजे जा रहे थे. लेकिन देश के विभिन्न राज्यों में डेल्टा प्लस वैरिएंट मरीजों के मिलने के बाद से अब सरकार के आदेशानुसार हरेक 4 दिनों पर सैम्पल भेजे जा रहे हैं.