सामाजिक भागीदारी के बगैर इकोसिस्टम की बहाली संभव नहीं- डॉ. रत्नाकर जौहरी

हैदराबाद (TBN – The Bihar Now डेस्क)| हैदराबाद स्थित इंस्टीच्यूट ऑफ फॉरेस्ट बायोडायवर्सिटी (Institute of Forest Biodiversity) की ओर से पर्यावरण सप्ताह के तहत कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. इसमें पौधारोपण, लेख प्रतियोगिता और वेबिनार जैसे प्रोग्राम शामिल हैं.

फॉरेस्ट बायोडायवर्सिटी इस्टीच्यूट, हैदराबाद के डायरेक्टर और आईएफएस अधिकारी डॉ. रत्नाकर जौहरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस, 5 जून को दुनिया भर में मनाया जाता है. इसके तहत अनेक तरह के कार्यक्रम देशभर में होते हैं. लेकिन फॉरेस्ट बायोडायवर्सिटी संस्थान में सप्ताह व्यापी कार्यक्रमों की ऋंखला चलती है.

संस्थान परिसर में चार जून को बड़े पैमाने पर पौधारोपण का कार्यक्रम हुआ, जिसमें निदेशक सहित, प्रोग्राम पदाधिकारी, वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

पर्यावरण की वर्तमान स्थिति और भावी योजनाओं पर विचार के लिए एक वेबिनार का आयोजन 5 जून को हुआ, जिसका थीम था- इकोसिस्टम रेस्टोरेशन.
वेबिनार को आंध्रप्रदेश बायोडायवर्सिटी बोर्ड के चेयरमैन बीएमके रेड्डी, पूर्व डीजीपी और प्योर अर्थ फाउंडेशन के चेयरमैन एमवी कृष्ण राव, रिटायर डायरेक्टर डॉ. वी रघु वेंकटरमण सहित कई विशेषज्ञों ने संबोधित किया.

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अपने संबोधन में निदेशक डॉ. रत्नाकर जौहरी ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के लिए सामाजिक स्तर पर कई प्रयास किये जा रहे हैं और संस्थान द्वारा भी कई तरह के रिसर्च कराये जा रहे हैं. डॉ. जौहरी के मुताबिक इस काम में कई तरह के विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है. उन्होंने अक्षय ऊर्जा, कचड़ा प्रबंधन और जैविक खेती को बढ़ावा देने की जरुरत पर बल दिया. वक्ताओं ने इकोसिस्टम रेस्टोरेशन को लेकर कई तरह के सुझाव दिये, जिसपर अमल करने का संकल्प संस्थान ने व्यक्त किया.

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत निदेशक डॉ. रत्नाकर जौहरी और धन्यवाद ज्ञापन ई. वेंकट रेड्डी ने किया. पर्यावरण विषयक लेख प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को आज पुरस्कृत किया गया और सबको प्रमाण पत्र वितरित किये गये.