पहला “रेस्टोरेंट ऑन व्हील्स” लांच

आसनसोल (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) – भारतीय रेलवे के द्वारा पश्चिम बंगाल के आसनसोल रेलवे स्टेशन पर पहले रेल भोजनालय “रेस्टोरेंट ऑन व्हील्स” की शुरुआत की गयी है. केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो के द्वारा इस तरह के पहले रेस्टोरेंट का उद्घाटन किया गया. “रेस्टोरेंट ऑन व्हील्स” को विभिन्न सुविधाओं से परिपूर्ण बनाया गया है. रेलवे के यात्री और आम जनता सभी इस रेस्टोरेंट का आनंद ले सकते हैं.

रेस्त्रां का इंटीरियर बहुत ही खूबसूरत है जो पहली ही नज़र में लोगों को आकर्षित कर सकता है. रेस्त्रां फुल एयरकंडीशंड बनाया गया है इसके साथ ही दीवारों पर खूबसूरत पेंटिंग्स, अत्याधुनिक फर्नीचर और लाइट्स के द्वारा सजाया गया है. रेस्त्रां के पहले कोच में टी, स्नैक्स मिलेंगे और दूसरे 42 सीट वाले कोच में लोगों के लिए  नाश्ता, लंच और डिनर की सुविधा भी उपलब्ध है.

“रेस्टोरेंट ऑन व्हील्स” को बनाने के लिए 25 साल पुरानी आसनसोल-बरदवां मेमू के दो कोच जो पटरी पर दौड़ने योग्य नहीं थे उनका इस्तेमाल कर खूबसूरत रेस्टोरेंट में तब्दील किया गया है. रेलवे के द्वारा किया गया ये प्रयास वास्तव में प्रशंसा के योग्य है. इस रेस्त्रां से रेलवे ने अगले 5 सालों में 50 लाख रुपये अर्जित करने का लक्ष्य बनाया है.

इसके साथ ही बाबुल सुप्रियो ने दो नए वातानुकूलित विश्राम गृह, इलेक्ट्रॉनिक आरक्षण चार्ट डिस्प्ले सिस्टम (सांसद स्थानीय विकास कोष के माध्यम से) और आसनसोल स्टेशन पर बैटरी संचालित कार का भी उद्घाटन किया. इलेक्ट्रॉनिक आरक्षण चार्ट डिस्प्ले सिस्टम के द्वारा रेल में सफर करने वाले यात्री विभिन्न ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति के बारे में आसानी से जानकारी पा सकते हैं. वातानुकूलित विश्राम गृह को भी विभिन्न तरह की सुविधाओं से परिपूर्ण बनाया गया है. . बैटरी संचालित कार के आ जाने से दिव्यांगजन और बुजुर्ग यात्रियों को स्टेशन क्षेत्र में उनके आरामदायक आवागमन के लिए  बहुत मदद मिलेगी. यात्रियों के रेलवे के सफर को आरामदायक के साथ साथ यादगार बनाने के लिए भारत में इस तरह की सुविधाओं की शुरुआत करना बहुत ही प्रशंसनीय कदम है.

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