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हरदा: मलबे के ढेर में बदली पटाखा फैक्ट्री, 11 मौतें, मंजर है मौत-सा डरावना

हरदा (TBN – The Bihar Now डेस्क)| मध्य प्रदेश के हरदा जिले की बैरागढ़ बस्ती हर दिन गुलजार हुआ करती थी. मगर मंगलवार की सुबह पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और अग्निकांड ने यहां की तस्वीर ही बदल दी है. फैक्ट्री सहित कई मकान मलबे में तब्दील हो चुके हैं, वाहन कबाड़ में बदल गए हैं, वहीं धुएं के गुबार उठते नजर आ रहे हैं. 11 लोगों की मौत हो गई है. सफाई के लिए जेसीबी लगी हुई है. राहत और बचाव कार्य में जीवित निकले लोगों को ले जाने वाली एंबुलेंस के सायरन सुनाई पड़ रहे हैं.

दरअसल, हरदा के बैरागढ़ बस्ती में वर्षों से अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी. इस फैक्ट्री में मंगलवार की सुबह एक के बाद एक कई धमाके हुए. धमाकों के बाद आग ने अपना जोर दिखाना शुरू कर दिया. आसपास के कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया. स्थानीय लोगों की मानें तो धमाके इतने तेज थे कि उन्हें लगा जैसे भूकंप आया हो और जब उन्होंने बाहर आकर देखा तो उन्हें काफी दूर से आग की लपटों के बीच पटाखे फूटने का नजारा और धुएं का गुबार नजर आया.

कह रही भयावहता की कहानी

यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा. हादसे के लगभग छह घंटे बाद जो तस्वीर सामने आ रही है, वह इस हादसे की भयावहता की कहानी कह रही है. हर तरफ मलबे का ढेर है, दोपहिया वाहन से लेकर चार पहिया वाहन तक कबाड़ हो गए हैं, खाने के डिब्बे से लेकर समोसा तक पड़ा है और कई स्थानों पर तो बिखरे नोट तक मिले हैं. राहत और बचाव कार्य जारी है. जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, वहां सफाई के लिए लगभग एक दर्जन जेसीबी को लगाया गया है. यह मशीन मलबा हटाने में लगी है.

मगर, जगह-जगह धुआं उठता दिखाई पड़ रहा है. पटाखा फैक्ट्री के अलावा आसपास के कई मकान पूरी तरह जमींदोज़ हो चुके हैं. यह कोई नहीं बता पा रहा है कि इन स्थानों पर कितने लोग मौजूद थे. राहत और बचाव कार्य के दौरान जो लोग बचे हैं, उन्हें एंबुलेंस की मदद से इंदौर, भोपाल, खंडवा भेजा जा रहा है. हर तरफ डरावना मंज़र है, मलबे का ढेर है, धुएं का गुबार उठ रहा है, एंबुलेंस के सायरन की आवाज सुनाई दे रही है. जेसीबी मलबे हटाने में लगी है और लोग मलबे के ढेर में अपनों को खोज रहे हैं.

इस हादसे में अब तक 11 लोगों जान जा चुकी है, करीब 200 लोग घायल हैं. हादसे के बाद फैक्ट्री के दोनों मालिक फरार हैं. ये फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी. हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी से लेकर मुख्यमंत्री तक कई नेताओं ने दुख जताया है.

फैक्ट्री था अनफिट, फिर से शुरू कराया NOC देकर

इस हादसे का कारण फैक्ट्री का अनफिट होना बताया जा रहा है. ब्लास्ट के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू करदी है. पटाखा फैक्ट्री को अनफिट होने के चलते कुछ समय पहले बंद कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि नर्मदापुरम संभागायुक्त (Divisional Commissioner) ने फैक्ट्री को NOC देकर फिर से बहाल कर दिया था. फैक्ट्री में परमिट से अधिक बारूद को स्टोर किया गया था.

इस हादसे के बाद अभी तक सामने आई जानकारी से पता चलता है कि नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं. ये पटाखा फैक्ट्री करीब डेढ़ एकड़ में फैली हुई है. हादसे के वक्त चार मंजिला इमारत में चारों फ्लोर पर सैकड़ों मजदूर कर काम रहे थे. फैक्ट्री में काम करने वाले 40 परिवार अस्थाई निर्माण कर वहीं रहते थे. 3 साल पहले भी यहां एक विस्फोट हुआ था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी.

मालिक पहले भी जा चुका है जेल

फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को बारूद देकर घरों में भी पटाखे बनवाए जाते थे. फैक्ट्री मालिक मुख्य बाजार की पुरानी सब्जी मंडी में पटाखा दुकान चलाता है, जो हादसे के बाद से फरार है. केवल इतना ही नहीं, इस पटाखा फैक्ट्री के मालिक राजू अग्रवाल पहले भी हादसे के मामले में सलाखों के पीछे जा चुके हैं. उन्हें 10 साल की सजा हुई है. फिलहाल वह हाईकोर्ट से जमानत पर हैं. इस हादसे को बड़ी प्रशासनिक लापरवाही भी माना जा रहा है.

सीएम ने दिए सहायता प्रदान करने के निर्देश

इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा हादसे के संबंध में प्रत्येक जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि यथाशीघ्र अपने जिले में संचालित पटाखा फैक्ट्री का निरीक्षण कर शासन को प्रतिवेदन दें.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घायलों के उपचार में कोई कमी न रहे और मृतकों एवं घायलों के परिजनों को सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाये. उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हरदा हादसे में प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रूपए, गंभीर घायलों को 2-2 लाख रूपए और साधारण रूप से घायलों को 50 हजार रूपए की सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं.

(इनपुट-एजेंसी)