ज्ञानवापी मस्जिद मामला: वाराणसी की अदालत ने पूरी की सुनवाई, फैसला सुरक्षित

वाराणसी (TBN – The Bihar Now डेस्क)| वाराणसी जिला अदालत ने काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद मामले (Gyanvapi mosque case) में दलीलों की सुनवाई सोमवार को पूरी कर कल तक के लिए फैसला सुरक्षित (Varanasi court completes hearing, reserves decision) रख लिया. वाराणसी के डिस्टिंक्ट जज डॉ एके विश्वेश (Varanasi Distinct Judge Dr AK Vishvesha) ने मामले में दीवानी वाद की सुनवाई की.

“सुनवाई पूरी हो गई थी और निर्णय सुरक्षित रखा गया है. सुनवाई की अगली तारीख दी जाएगी. हमने हमें एक सीडी और आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की तस्वीरें प्रदान करने के लिए एक आवेदन दिया था,” हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन (Advocate Vishnu Jain) ने मीडियाकर्मियों को बताया.

पुलिस ने कहा कि सोमवार को सुनवाई के दौरान 19 वकीलों और चार याचिकाकर्ताओं सहित केवल 23 लोगों को ही अदालत कक्ष के अंदर जाने की अनुमति दी गई.

बता दें, सुप्रीम कोर्ट के यह कहने के बाद कि वह ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण में हस्तक्षेप नहीं करेगा और फिर मामले को निचली अदालत में स्थानांतरित कर देने के बाद सुनवाई सोमवार को वाराणसी की अदालत में शुरू हुई. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि “इस मामले में शामिल जटिलताओं और संवेदनशीलता” को ध्यान में रखते हुए “अधिक वरिष्ठ और अनुभवी हाथ” की आवश्यकता होगी.

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा था कि जिला जज को ज्ञानवापी-काशी विश्वनाथ में दीवानी मुकदमे की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर तय करनी चाहिए, जैसा कि प्रबंधन समिति अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद वाराणसी (Committee of Management Anjuman Intezamia Masjid Varanasi) ने मांगा था.

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इससे पहले सोमवार को ही सर्वोच्च न्यायालय में एक वकील ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले में पक्षकार की मांग की यह कहते हुए एक हस्तक्षेप आवेदन (Intervention Application) दायर की कि मंदिर की जमीन पर बनी मस्जिद मस्जिद नहीं हो सकती.

आवेदन अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर किया गया था, जिन्होंने पहले पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 (अधिनियम) [Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 (Act)] की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी.