एक जज की मौत झारखंड राज्य की विफलता है – सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली / धनबाद (TBN – The Bihar Now डेस्क)| धनबाद जिला सत्र के जज उत्तम आनंद (Uttam Anand) की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि एक जज की मौत झारखंड राज्य की विफलता है, जज को सुरक्षा दी जानी चाहिए थी.

आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट झारखंड के न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मद्देनजर अदालतों और न्यायाधीशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर एक स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रहा है.

शुक्रवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की. सीजेआई ने अटॉर्नी जनरल (Attorney General) से असिस्टेंस मांगते हुए कहा कि जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वह चिंता बढ़ाने वाली हैं.

बता दें, सुप्रीम कोर्ट के के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अगुवाई वाली पीठ ने झारखंड के मुख्य सचिव और डीजीपी को न्यायाधीश आनंद की मौत की जांच पर एक सप्ताह के भीतर एक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था.

और आपने केस से अपने हाथ वॉश कर लिए ?

जज की मौत के मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार के वकील राजीव रंजन ने सीजेआई को बताया कि जज की मौत के दिन ही राज्य सरकार ने 22 सदस्यों की एक एसआईटी टीम बना दी थी. मामले में 2 लोगों को अरेस्ट कर पूछताछ भी कर रही थी, लेकिन इसी बीच गुरुवार को सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा, इसका मतलब है कि आपने केस से अपने हाथ वॉश कर लिए यानी हाथ पीछे खींच लिए?

इसपर झारखंड सरकार के वकील राजीव रंजन ने कहा कि सीबीआई और राज्य पुलिस की सीमाओं के कारण यह एक गंभीर मामला हो सकता है. इस कारण हमने मामले को सीबीआई को सौंप दिया.

गैंगस्टर/हाई प्रोफाइल लोग जजों को देते हैं धमकी !

मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने यह भी कहा कि ऐसे मामले में 2019 में केंद्र सरकार को जवाब देना था, जो उन्होंने नहीं दिया. अब एक हफ्ते में केंद्र सरकार दे.

साथ ही उन्होंने कहा, ”इस देश में कई ऐसे मामले हैं, जिसमें गैंगस्टर/हाई प्रोफाइल लोग शामिल होते हैं और वे जजों को धमकी देते हैं, कुछ मामलों में सीबीआई जांच के आदेश भी हुए लेकिन सीबीआई ने कुछ नहीं किया.”

सीजेआई ने कहा कि सॉरी टू ऑब्जर्व्ड, लेकिन सीबीआई के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है. झारखंड के मामले में सीबीआई को हम सुनना चाहते हैं.” सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगा.

‘जज की मौत है राज्य की विफलता’

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में एक जज की मौत झारखंड सरकार की यह विफलता को दर्शाती है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि धनबाद में कोल माफिया काफी सक्रिय हैं. ऐसी स्थिति में जज को पुख्ता सुरक्षा दी जानी चाहिए थी जिसे सरकार ने नहीं दिया. इसी दौरान सीजेआई ने देश के सभी राज्यों से 17 अगस्त तक जजों की सुरक्षा को लेकर एफिडेविट देने को कहा है, जिस दिन मामले की सुनवाई फिर से होगी. उन्होंने कहा कि यदि वे दाखिल नहीं कर पते हैं है तो वे जवाबी हलफनामा दायर करने का अधिकार खो देंगे.