यूपी में कोरोना हॉटस्पॉट सील

कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए यूपी के पंद्रह जिलों में सख्ती
कोरोना संक्रमण वाले मरीज के इलाको में सभी तरह की आवाजाही पर रोक
बैंक से लेकर किराना दूकानों पर भी रोक

लखनऊ / दिल्ली (शिवांगनी / डेस्क)| उत्तरप्रदेश सरकार ने साफ किया है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उन्हीं पंद्रह जिलों को चुना गया है जहां 6 से ज्यादा केस है. उनहीं जिलो हाटस्पाट इलाको में कार्यवाही की जाएगी. इसके पहले राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी पंद्रह जिलों के जिलाधिकारी के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बैठक की और हालात का जायजा लिया.
बैठक में फैसला लिया गया कि आगरा में 22, गाजियाबाद में 13, गौतमबुद्ध नगर में 12, कानपुर नगर में 12, वाराणसी में 4, शामली में 3, मेरठ में 7, बरेली में 1, बुलन्दशहर 3, बस्ती 3, फिरोजबाद में 3, लखनऊ में 8 बड़े 4 छोटे, सहारनपुर में 4 , महराजगंज में भी 4 जगह को चिन्हित किया गया है. सरकार ने साफ किया है कि इससे पैनिक होने की जरूरत नहीं है केवल हॉटस्पॉट में कार्यवाही होगी.
जिन इलाकों पीड़ित व्यक्तियों के रहने की हिस्ट्री जुड़ी है, वहाँ जो क्लस्टर हैं, कोरोना वायरस के वो इंटेंसिव लॉकडाउन में रहेंगे. इन इलाको में सेनेटाइजेशन को बढाने के लिए फायर सर्विस की गाड़ियां रहेंगी.
महत्वपूर्ण यह कि लॉकडाउन को 100 प्रतिशत लागू किया जाएगा औऱ इस दौरान सिविलियन पास भी स्थगित रहेंगे. सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट इन इलाको में सप्लाई मुहैया कराएगा, किसी को भी बाहर नहीं आना होगा और जरुरी सामान दरवाजों पर ही मिलेगा.
आवाजाही नॉर्मल कर्फ्यू की तरह रोकी जाएगी, तमाम लोग आवागमन कर रहे हैं उनको रोका जाएगा. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने लखनउ में बताया कि नए फायर ब्रिगेड भेजे गए हैं जिससे सैनिटाइजेशन कराया जाएगा, लाउडस्पीकर का इस्तेमाल होगा. जरूरत पडने पर ड्रोन का इस्तेमाल करने की भी बात कही गयी.
चिन्हित हाटस्पाट इलाको में बैंक नहीं खुलेगें और मीडिया को भी जाने की इजाजत नहीं होगी. जरुरत पडने पर कुछ ही फोटोग्राफर को भेजा जाएगा, वैसे यह साफ किया गया है कि 14 दिन पूरे होते ही इन इलाकों से सख्ती खत्म हो जाएगा.
इस समय पूरे उत्तरप्रदेश में 343 पोसिटिव केस है जिनमें 187 तब्लीगी जमात के हैं. कुल 26 उपचारित हो चुके हैं.