अब मास्क लगाकर बाहर निकलना हुआ अनिवार्य, निर्देश जारी

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- बिहार में कोरोना वायरस से निपटने के लिए राज्य सरकार के द्वारा तमाम प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन इस सबके बावजूद भी कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही है.

अब इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस के वर्तमान संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए घर से बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाये अन्यथा इस आदेश की अवहेलना के आलोक में सम्बंधित व्यक्ति दंड के भागी होंगे.

कोरोना वायरस से बचाव के लिए बिहार सरकार के द्वारा महामारी रेगुलेशन एक्ट 1897 (Epidemic Disease Act 1897) लागू कर दिया गया था. कोरोना वायरस को महामारी घोषित किए जाने के बाद राज्य सरकार के पास इससे बचाव के लिए और महामारी की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने के अधिकार आ गए है. महामारी एक्ट 1897 लागू करने के बाद इस अधिनियम के तहत अब कोई मरीज या अन्य कोई उसके प्रावधान को नहीं मानता है तो उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा और सख्ती भी बरती जा सकती है.

बिहार में अब से आम नागरिक, फल, सब्जी बेचने वाले, सफाई कर्मी, दुकानदार, सुधा डेयरी, दवा के दुकानदार व वहां पर काम करने वाले कर्मी सभी के लिए मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है. 

इसके साथ ही विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार द्वारा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि N-95 मास्क के अतिरिक्त सामान्य दोहरे कपडे से घर में सिले हुए, जीविका समूह या अन्य समूहों द्वारा तैयार किये गए मास्क भी कोरोना के संक्रमण को रोकने में कारगर है. साथ ही N-95 मास्क केवल कोरोना की जांच में लगे चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के लिए अनिवार्य हैं.  

संजय कुमार ने सभी जिलों के जिलाधिकारी, सभी वरीय आरक्षी अधीक्षक/ आरक्षी अधीक्षक सभी सिविल सर्जन को अपने जिले में इस आदेश का अनुपालन कराना सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है.