पटना के इस डॉक्टर दम्पति ने किया 300 से अधिक कोरोना संक्रमितों का इलाज

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार में कोरोना का संक्रमण दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. एक तरह जहाँ सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं में कमी आ रही है वही दूसरी तरफ प्राइवेट अस्पताल कोरोना के नाम पर लोगों को लूटने का काम कर रहे हैं.

कोरोना के बढ़ते कहर के बीच पटना के इस खबर को सुन कर आपका दिल खुश हो जायेगा. दरसल पटना के कंकड़बाग में डाइग्नोस्टिक सेंटर चलाने वाले डॉक्टर प्रभात रंजन और उनकी पत्नी डॉक्टर रूपम ने अब तक 300 से अधिक कोरोना संक्रमित लोगों को ठीक किया है.

आपको बता दें कि इस डॉक्टर दम्पति ने सूझबूझ और विभिन्न स्रोतों से जानकारी एकत्रित कर 300 से अधिक लोगों की जान बचाई. इस दौरान डॉक्टर और उनका बेटा खुद भी कोरोना से संक्रमित हो गए, लकिन फिर भी डॉक्टर ने फ़ोन पर उपचार करना जारी रखा. खास बात यह है कि कोरोना संक्रमितों का उपचार किसी अस्पताल में नहीं, बल्कि होम आइसोलेशन रख कर किया.

डॉक्टर प्रभात सबको घर में ही आइसोलेशन में रहने की सलाह देते रहे और फ़ोन पर वॉट्सएप मैसेज, टेक्स्ट मैसेज कॉल के जरिये संक्रमितों का उपचार किया जिसमें से 99 फीसदी मरीज़ ठीक भी हो गए.

आईएमए बिहार के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर सहजानंद का कहना है कि होम आइसोलेशन मरीजों के ठीक होने में इंस्टिट्यूशनल की अपेक्षा अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ है. कोरोना संक्रमितों का उपचार कर रहे डॉक्टर सहजानंद, प्रभात रंजन को प्रेरणा स्रोत बताते हैं. वहीं, कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर जितेंद्र सिंह का कहना है कि मरीजों को हॉस्पिटल तभी जाना चाहिए, जब स्थिति गंभीर हो.

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