ये दो बैंक हो रहे हैं प्राइवेट

नई दिल्ली (TBN – The Bihar Now डेस्क)| केंद्र सरकार पब्लिक सेक्टर के दो बैंकों के निजीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. शॉर्टलिस्ट किये गए ये दोनों बैंक हैं – सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank).

बताया जा रहा है कि इन दोनों बैंकों के प्राइवेटाइजेशन के पहले चरण में सरकार 51 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है. हाल ही में इस विषय पर कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हाल में एक हाईलेबल मीटिंग हुई. इसमें विभिन्न नियामकीय और प्रशासनिक मुद्दों पर विचार किया गया. इस मीटिंग में पारित प्रस्ताव को मंत्री समूह या वैकल्पिक तंत्र (एएम) के समक्ष रखा जाएगा ताकि विनिवेश पर मंजूरी ली जा सके.

2021 के अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस बारे में घोषणा की गई थी. इसपर नीति आयोग ने निजीकरण के लिए कुछ बैंकों के नाम सुझाए थे. उसके बाद पिछले गुरुवार को हुए इस हाईलेबल मीटिंग में नीति आयोग की सिफारिशों पर विचार किया गया.

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सूत्रों के अनुसार, इस समिति ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक के निजीकरण का प्रस्ताव मंत्री समूह या वैकल्पिक तंत्र (एएम) की मंजूरी के लिए भेज दिया है. इसके बाद मामले की अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री की अगुवाई वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल को भेजा जाएगा. फिर इसकी मंजूरी होने के बाद निजीकरण के लिए जरूरी नियामकीय बदलाव किए जाएंगे.

बता दें इस साल फरवरी में केंद्र सरकार द्वारा 4 मिड साइज बैंकों को प्राइवेटाइजेशन के लिए शॉर्टलिस्ट करने की रिपोर्ट आई थी. इनमें बैंक ऑफ इंडिया (BoI), बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक का नाम शामिल है. इन 4 बैंकों में से 2 का निजीकरण वित्त वर्ष 2021-22 में होगा.