कानून मंत्री हैं कानून से फरार, बिहार में क्या यही है बहार !

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| जिस दिन करना था कानून के सामने सरेन्डर, उस दिन वे ले रहे थे वह नीतीश कुमार (Nitish Kumar CM) की नई सरकार में मंत्री पद की शपथ. जी हां, मामला है बिहार विधान परिषद के आरजेडी पार्षद कार्तिकेय सिंह (RJD MLC Kartikey Singh) का. इनपर भारतीय कानून ने गिरफ़्तारी का वॉरन्ट निकाला हुआ है और आश्चर्यजनक रूप से नीतीश सरकार ने इन्हें कानून मंत्री का ही पद सौंप दिया है.

बुधवार को बिहार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह (Bihar Law Minister Kartikeya Singh) के खिलाफ अचानक से एक मामला बड़ी तेजी से फैल गया. इसके अनुसार, कार्तिकेय सिंह के खिलाफ दर्ज अपहरण के एक मामले (A case of kidnapping registered against Bihar Law Minister Kartikeya Singh) में गिरफ़्तारी का वॉरन्ट निकला हुआ है. उन्हें 16 अगस्त को कोर्ट के समक्ष सरेन्डर करना था जबकि वे राज्यपाल के सामने राजभवन में मंत्री पद की शपथ ले रहे थे.

कार्तिकेय सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराने वाले के वकील अमर ज्योति शर्मा के अनुसार, मामला बिहटा थाने (कांड संख्या 859/2014) का है. पीड़ित ने अपने 164 के बयान में कार्तिकेय सिंह का नाम लिया था. मामले में सिंह ने 2017 में पटना हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी. कोर्ट ने अपने आदेश, 16.02.2017 के अनुसार याचिका को खारिज कर दिया था.

वकील ने आगे बताया कि अपने खिलाफ किए गए अपहरण के मामले को खत्म (quash) करने के लिए कार्तिकेय सिंह को पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) में धारा 482 के तहत याचिका दायर की. इस याचिका को भी कोर्ट ने 7 जुलाई 2022 को खारिज कर दिया. इसके बाद 14 जुलाई 2022 को कार्तिकेय सिंह के खिलाफ दानापुर न्यायालय से गिरफ़्तारी का वॉरन्ट निकला. मगर अभी तक कार्तिकेय सिंह ने इस मामले में आत्मसमर्पण नहीं किया है.

इधर, मामला सामने आते ही बीजेपी ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला है. बीजेपी ने कहा है कि नीतीश कुमार के कैबिनेट में अपराधियों व बाहुबलियों की भरमार है और लगता है राज्य में डरावने दिनों की वापसी हो गई है.

बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा है कि बिहार के क़ानून मंत्री (कार्तिकेय सिंह) पर 2014 में अपहरण का मामला दर्ज़ है जिसको उन्होंने अपने हलफनामे में भी स्वीकार किया है. उसी मामले में इनको 16 अगस्त को आत्मसमर्पण करना था, लेकिन वे शपथ लेने चले गए. यह सब मुख्यमंत्री की जानकारी में था.

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मोदी ने आरजेडी पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजद तो आज तक बाहुबलियों के दम पर बूथ लूट कर ही सत्ता में आती रही है. उन्होंने नीतीश कुमार के बारे में कहा, “नीतीश ने जिस प्रकार के लोगों को मंत्रिमंडल शामिल किया है उसकी उन्हें कीमत चुकानी पड़ेगी. लालू के सामने नीतीश ने सरेंडर कर दिया है”.

इधर, क़ानून मंत्री कार्तिकेय सिंह को लेकर जारी वारंट पर सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने कहा है कि मुझे इस बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है. बुधवार को मीडिया की तरफ से उठाए गए सवाल का वे उत्तर दे रहे थे.

मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के नए कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह, जिन्हें उनके क्षेत्र के लोग मास्टर साहब से भी पुकारते हैं और जो आरजेडी के पूर्व विधायक अनंत सिंह के बेहद खास हैं, ने कहा है कि मुझ पर लगे आरोप झूठे हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की सारी जानकारी चुनाव आयोग को है क्योंकि शपथ-पत्र में उन्होंने सारी जानकारी भरी थी.

एक अन्य जानकारी के मुताबिक, दानापुर कोर्ट के द्वारा निकाले गए वॉरन्ट के साथ एक अन्य आदेश भी निकाला गया है जिसके अनुसार कार्तिकेय सिंह के खिलाफ 1 सितंबर तक कोई कानूनी कार्यवाई न करने का आदेश है. यह स्टे-ऑर्डर कोर्ट ने मोकामा पुलिस के नाम से निकाला है.