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दी बिहार नाउ की खबर का असर, प्रशासन की खुली नींद

बाढ़ (TBN – अखिलेश कुमार सिंहा की स्पेशल रिपोर्ट)| अनुमंडल के अथमलगोला प्रखंड अंतर्गत रामनगर दियारा पंचायत में गंगा का पानी फैल जाने के कारण पूरी फसल बर्बाद हो गई है. साथ ही अब रामनगर पंचायत के कई वार्डों में भी गंगा का पानी घुस गया है. इससे आम जनों को भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है.

दी बिहार नाउ (The Bihar Now) के संवाददाता ने सोमवार को इस क्षेत्र का मुआयना किया तथा स्थानीय लोगों से बातें की. लोगों का कहना था कि प्रशासन के लोग देखने आते तो हैं लेकिन कुछ करते नहीं.

कुछ दिनों पहले दी बिहार नाउ ने इस क्षेत्र की दशा पर एक समाचार प्रसारित किया था. इस समाचार के बाद मुंगेर के सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कई पदाधिकारियों को फोन कर इस बारे में जानकारी ली तथा काफी फटकार लगी थी. इसके बाद प्रशासन की नींद खुली तथा अधिकारियों द्वारा इस क्षेत्र का सोमवार को भ्रमण किया गया.

सोमवार को फ्लड कंट्रोल डिवीजन, बख्तियारपुर के एसडीओ तथा अथमलगोला प्रखंड के सर्किल ऑफिसर ने रामनगर दियारा पंचायत में बाढ़ के पानी से घिरे कई वार्डों का मुआयना किया.

दी बिहार नाउ के संवाददाता से बात करते हुए अथमलगोला प्रखंड के सर्किल ऑफिसर ने बताया कि क्षेत्र के कई निचले वार्डों में पानी घुस गया है जिसके कारण यहां का जनजीवन अस्त व्यस्त है हो गया है. उन्होंने बताया कि कल यानि मंगलवार से बालू से भरे बोरों एवं नाव का इंतजाम किया जाएगा.

बता दें कि पिछले साल जो पानी आया था उसको देखते हुए रामनगर पंचायत के कुछ समाजसेवी लोगों ने अपने पैसों से बांस का चचरी पुल बनाना शुरू किया. मुख्य रूप से वर्ड संख्या 11 एवं 12, जो पानी से ज्यादा प्रभावित है, वहां चचरी का पुल बनाया गया है. अभी और भी ऐसी पुलें बनाई जा रही हैं. इन पुलों को भी फ्लड कंट्रोल डिवीजन, बख्तियारपुर के एसडीओ एवं अथमलगोला प्रखंड के सर्किल ऑफीसर ने देखा.

रामनगर दियारा पंचायत के आम नागरिकों का कहना है कि अभी तक हमारे पंचायत के जीते हुए प्रतिनिधि प्रशासन के साथ आते हैं और चले जाते हैं. लेकिन उनके द्वारा अभी तक कुछ काम नहीं हुआ है.

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राम नगर पंचायत के निचले वार्ड के आम नागरिक, जो गरीब तबके के लोग हैं, दलित हैं, वे रोड के किनारे ऊंची जगह पर रैन बसेरा बना कर रह रहे हैं. उन्होंने अपने साथ अपने जानवरों को भी सड़क पर रखा है.

प्रशासन से जब दी बिहार नाव के संवाददाता ने पूछा कि जो लोग रोड के किनारे रह रहे हैं, उनके लिए प्रशासन की तरफ से क्या इंतजाम किया जा रहा है, तब उन्होंने कहा कि इस मामले को देखता हूं. उन्होंने कहा कि यहां प्रशासन की तरफ से जरूरी पड़ने पर सामुदायिक किचन भी शुरू करवाया जाएगा. वैसे यहां बिजली, पानी की व्यवस्था कर दी गई है.

आइए नीचे वीडियो में देखते हैं दी बिहार नाउ की खास रिपोर्ट –