73 दिनों में कोरोना दवा की बिक्री वाली खबरों का कंपनी ने किया खंडन

नई दिल्ली / पटना (TBN – the bihar now डेस्क) | कोरोना के बढ़ते कहर और आतंक के बीच मीडिया में एक राहत देने वाली खबर सामने आई जिसमें कहा गया कि आने वाले 73 दिनों में कोरोना की पहली दवा देश में उपलब्ध हो जाएगी, वो भी मुफ़्त.

बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट भारत में ‘कोवीशील्ड’ नाम की पहली कोविड वैक्सीन तैयार कर रहा है. इसी को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट सामने आई जिसमें बताया गया कि इस वैक्सीन के 73 दिनों में बाजार में उतर जाएगी. मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत सरकार राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (एनआईपी) के तहत नागरिकों को इस वैक्सीन को मुफ्त में लगाएगी.

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का खंडन

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) ने मीडिया में आई इस तरह की खबर का खंडन किया है. कंपनी के अनुसार वैक्सीन का परीक्षण सफल होने के बाद ही वैक्सीन बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा.

इस मामले में कंपनी ने बयान जारी किया है. इस बयान में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने यह साफ किया है कि ‘मीडिया में ‘कोवीशील्ड’ की उपलब्धता पर वर्तमान दावे पूरी तरह से गलत हैं. वर्तमान में, सरकार ने हमें केवल वैक्सीन के निर्माण की अनुमति दी है और भविष्य में उपयोग के लिए भंडारित करने की अनुमति दी है’.

कंपनी ने कहा है कि ‘कोवीशील्ड’ वैक्सीन के सफल परीक्षण के बाद ही इसे बाजार में उतारा जाएगा और अभी इसके रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार किया जा रहा है. वैसे कंपनी के अनुसार इस वैक्सीन के तीसरे चरण का टेस्ट चल रहा है और जब यह वैक्सीन इम्युनोजेनिक और प्रभावी सिद्ध हो जाएगा तब एसआईआई इसे ऑफिसियली लॉन्च किया जाएगा.

उधर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया है कि संभवतः अगले दो महीनों में कोरोना की वैक्सीन का ट्रायल पूरा हो जाएगा और इस साल के अंत तक यह लोगों के बीच उपलब्ध हो जाएगा. उन्होंने बताया कि वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल अंतिम चरण में है और तीन व्यक्ति क्लीनिकल टेस्ट के तीसरे चरण में भी पहुंच चुके हैं.

मंत्री ने बताया कि देश में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल 150 से ज्यादा लोगों पर अलग-अलग फेज में चल रहा है. 26 लोगों पर क्लीनिकल ट्रायल भी शुरू हो चुका है जिसमें से 3 क्लीनिकल ट्रायल के थर्ड फेस में पहुंच गए हैं. इस तरह देश वैक्सीन ट्रायल में सफलता से बढ़ रहा है. आशा है कि वैक्सीन का ट्रायल आने वाले दो महीनों में पूरा हो जाएगा, फिर उसके बाद देशवासियों के लिए कोरोना वैक्सीन प्राप्त हो जाएगा.