पटना में टीका एक्सप्रेस की चाल पैसेंजर से भी ज्यादा खराब

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| राज्य में 3 जून को शुरू की गई टीका एक्सप्रेस की चाल पैसेंजर से भी खराब हो गई है. विशेष टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 121 गाड़ियों (यूनिसेफ ने 40 और केयर इंडिया के 81) को दो-दो कर्मियों के साथ बड़े मिशन में लगाया गया था.
लेकिन पटना में यह मिशन बेहद धीमी गति से चल रहा है.

पटना में 40 गाड़ियों से रोजाना 8000 टीकाकरण करने के मिशन को लगभग ब्रेक-सा लग गया है. 3 जून से 17 दिनों में इन विशेष गाड़ियों का लक्ष्य 1.36 लाख टीकाकरण का था. लेकिन हुआ मात्र 3198 ही यानि सिर्फ लक्ष्य का 2.35 %.

आइए जानते हैं पटना के विभिन्न अंचलों में लगाई गई गाड़ियों का ब्योरा –
बांकीपुर अंचल में 6 गाड़ियां
कंकड़बग अंचल – 6 गाड़ियां
अजीमाबाद अंचल – 6 गाड़ियां
पाटलिपुत्रा अंचल – 6 गाड़ियां
पटना सिटी अंचल – 6 गाड़ियां
न्यू कैपिटल अंचल – 6 गाड़ियां
नगर परिषद फुलवारी – 2 गाड़ियां
नगर परिषद दानापुर – 2 गाड़ियां

ब जानते हैं इन विभिन्न अंचलों में 3 जून से 17 दिनों में कितना टीकाकरण है –
बांकीपुर अंचल में मात्र 930 वैक्सीनेशन
कंकड़बाग अंचल में मात्र 389 वैक्सीनेशन
अजीमाबाद अंचल में 590 मात्र वैक्सीनेशन
पाटलिपुत्रा अंचल में 320 मात्र वैक्सीनेशन
पटना सिटी अंचल में मात्र 320 वैक्सीनेशन
न्यू कैपिटल अंचल में मात्र 310 वैक्सीनेशन
नगर परिषद दानापुर में मात्र 230 वैक्सीनेशन
नगर परिषद फुलवारी में मात्र 109 वैक्सीनेशन

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बता दें कि राज्य सरकार ने यह टीका एक्सप्रेस इस उद्देश्य से शुरू किया ताकि शहर के क्षेत्र के सभी वार्डों में 100% वैक्सीनेशन हो. परंतु राजधनी पटना में सरकार के यह लक्ष्य फिलहाल समय पर पूरा होता नहीं दिख रहा है. राजधानी में सरकार द्वारा लगाए गए 40 गाड़ियों से टीकाकरण का सच उजागर हो गया है तथा टीका एक्सप्रेस की गति तेज होने के बजाए सुस्त पड़ गई है.

अब जानते हैं मामले की और हकीकत. जैसा कि पहले बताया गया है कि 17 दिनों में टीका एक्सप्रेस द्वारा मात्र 3198 लोगों को टीका दिया गया है. इनमें 2966 लोगों को पहला डोज जबकि 232 लोगों को दूसरा डोज लगा है. 40 टीम को इस काम में लगाकर भी इसकी चाल बहुत ही ज्यादा सुस्त है. मजे की बात यह है कि टीका लगाने वाली गाड़ी से पैसेंजर ढोने की तस्वीर आजकल वायरल हो रही है. ऐसी गाड़ियों की तस्वीरें राज्य के कई जिलों से वायरल हुई हैं.

बात जो भी हो, सरकार को चाहिए कि राजधनी के प्रत्येक वार्ड में इन गाड़ियों के द्वारा किए जाने वाले टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए. यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब कोरोना महामारी अपनी तीसरी लहर से पूरी जनता को अपनी चपेट में ले लेगा. वैसे भी देश के कई बड़े डॉक्टरों ने आशंका व्यक्त की है कि टीकाकरण के साथ कोरोना स्टैन्डर्ड मानक (SoP) पर थोड़ी भी लापरवाही अगले 6 से 12 हफ्ते में महामारी की तीसरी लहर को आने से नहीं रोक सकता है.