रघुवंश प्रसाद सिंह की हालत नाजुक, एम्स दिल्ली में वेंटिलेटर पर

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बड़ी खबर देश की राजधानी से आ रही है जहां आरजेडी के वरिष्ठ पूर्व नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती हैं. उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. उन्हें शुक्रवार को देर रात से वेंटिलेटर पर रखा गया है.

जैसा कि मालूम है, अगस्त महीने में रघुवंश प्रसाद सिंह कोरोना संक्रमित हो गए थे. उन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया था. बाद में कोरोना टेस्ट में वे नेगटिव आए थे जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी.

वैसे रघुवंश प्रसाद ठीक तो हो गए थे लेकिन वो पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाए थे. इस कारण उन्हें दिल्ली के एम्स में एडमिट कराया गया है.

आरजेडी से दिया था इस्तीफा

ज्ञातव्य है कि गत 10 सितंबर को उन्होंने दिल्ली एम्स से ही आरजेडी से इस्तीफा दे दिया था. इसी दिन उन्होंने एक चिठ्ठी लिखी थी जिसमें उन्होंने राजनीति में आई गिरावट पर बात लिखी थी तथा लोकतंत्र को खतरे में बताया था.

इस खत में उन्होंने आरजेडी में परिवारवाद हावी होने का जिक्र किया था. ये भी लिखा था कि आरजेडी में धन के सहारे राजनीति में आगे बढ़ने वालों को जगह मिल रही है. उन्होंने कहा था कि पार्टी में सचिव से ज्यादा महासचिव बना दिए गए है.

लालू परिवार के बारे में उन्होंने लिखा कि हर जगह गांधी, जय प्रकाश, लोहिया, अंबेडकर और कर्पूरी की जगह एक ही परिवार के पांच लोगों की तस्वीर छप रही है.

आप कहीं नहीं जा रहे हैं. समझ लीजिए” – लालू यादव

रघुवंश प्रसाद सिंह के इस्तीफा देने के बाद लालू ने उन्हें एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने लिखा, ‘आपके द्वारा कथित तौर पर लिखी एक चिट्ठी मीडिया में चलाई जा रही है. मुझे तो विश्वास ही नहीं होता. अभी मेरे, मेरे परिवार और मेरे साथ मिलकर सिंचित राजद परिवार आपको शीघ्र स्वस्थ होकर अपने बीच देखना चाहता है.’ पत्र में लालू ने आगे लिखा, ‘चार दशकों में हमने हर राजनीतिक, सामाजिक और यहां तक कि पारिवारिक मामलों में मिल-बैठकर ही विचार किया है. आप जल्द स्वस्थ हो जाएं, फिर बैठकर बात करेंगे. आप कहीं नहीं जा रहे हैं. समझ लीजिए.’

बताते चलें कि रघुवंश प्रसाद सिंह के स्वास्थ्य में गिरावट को देखते हुए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. डॉक्टर द्वारा उनका इलाज किया जा रहा हैं. रघुवंश प्रसाद की नाजुक स्थिति को देखते हुए उनके सभी सहयोगी, मित्र और समर्थक व विरोधी सभी ये चाह रहे हैं कि वे शीघ्रताशीघ्र स्वस्थ हो जाए तथा उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाए.

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