इतना गेहूं अधिप्राप्ति बिहार के लिये एक बड़ी उपलब्धि है – मुख्यमंत्री

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| इस वर्ष 35 लाख मेट्रिक टन धान अधिप्राप्ति हुयी है और 15 जून तक 3 लाख 50 हजार मेट्रिक टन गेहूं अधिप्राप्ति हो जायेगी जो यह बिहार के लिये एक बड़ी उपलब्धि है. ऐसा बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा. वे शनिवार को एक अणे मार्ग स्थित “संकल्प” में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से गेहूं अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे.

इस समीक्षा के दौरान सीएम ने कहा कि राज्य में 2008 में कृषि रोडमैप की शुरूआत की गयी. जिसमें फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने के लिये कई कदम उठाये गये. इसके बाद से राज्य में धान, गेहूं सहित कई फसलों की उत्पादन एवं उत्पादकता दोनों बढ़ी है.

पहले किसी फसल अधिप्राप्ति की कोई व्यवस्था नहीं थी

सीएम ने कहा कि पहले राज्य में किसी फसल अधिप्राप्ति की कोई व्यवस्था नहीं थी. कृषि रोडमैप में इसके लिये योजनाबद्ध ढ़ंग से काम किया गया. उसका परिणाम यह है कि इस वर्ष 35 लाख मेट्रिक टन धान अधिप्राप्ति हुयी है. जबकि 15 जून तक 3 लाख 50 हजार मेट्रिक टन गेहूं की अधिप्राप्ति हो जायेगी. और यह राज्य के लिये एक बड़ी उपलब्धि है.

नीतीश ने कहा कि किसानों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इसके लिए उनके बीच इस बात को प्रचारित करना होगा कि राज्य सरकार अधिक से अधिक अधिप्राप्ति करना चाहती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष से धान और गेहूं की अधिप्राप्ति को और बढ़ाना है. पूरे राज्य में क्षेत्रवार उत्पादन एवं उत्पादकता का अध्ययन कराकर उस आधार पर अधिप्राप्ति का लक्ष्य रखें और उसे प्राप्त करें. ससमय एवं सघन अधिप्राप्ति के फलस्वरूप हमलोग अगले वर्ष धान एवं गेहूं की और अधिक अधिप्राप्ति कर पायेंगे, इस लक्ष्य पर काम करना है.

उन्होंने कहा कि अब तक के अनुभवों को आधार बनाते हुये बेहतर कार्ययोजना बनाकर कृषि विभाग, सहकारिता विभाग तथा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग आपस में समन्वय बनाकर कार्य करे.

उन्होंने कहा कि पैक्सों की क्रियाशीलता तथा कार्य प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिये कार्य करें. सहकारी समितियों एवं राज्य खाद्य निगम की भंडारण क्षमता में वृद्धि करने के उपाय करें. गोदाम की उपलब्धता, कस्टम मिल्ड राइस (सी0एम0आर0) एवं अधिप्राप्त गेहूं की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को तेजी से हो, इसका एक सिस्टम बनायें.

इसके पहले सहकारिता विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी ने गेहूं अधिप्राप्ति के संबध में मुख्यमंत्री के सामने एक प्रस्तुतीकरण दिया जिसमें उन्होंने जिलावार गेहूं अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति, गेहूं बेचने वाले किसानों की संख्या, पेमेंट की स्थिति आदि की जानकारी दी.

सचिव ने बताया कि राज्य में कृषि रोडमैप के कारण 14 लाख मेट्रिक टन की भंडारण क्षमता हो गयी है और राज्य खाद्य निगम की भंडारण क्षमता 5 लाख मेट्रिक टन से बढ़कर 25 लाख मेट्रिक टन हो गयी है.

इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे. वहीं वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, सहकारिता मंत्री सुभाष सिंह, मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव विनय कुमार, सहकारिता विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी जुड़ी हुयीं थीं.