लॉकडाउन में गर्भवती महिला का ऑटो में प्रसव, बच्चे की मौत

सीवान (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :-  भारत में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन होने की वजह से सभी यातायात बंद होने के कारण लोगों के आने जाने के लिए सभी तरीके के पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बस यहाँ तक कि ट्रेन सेवाएं भी बंद कर दी गयी हैं. इसका असर सभी राज्यों की तरह बिहार में भी देखने को मिल रहा है. लॉकडाउन के चलते सरकारी और प्राइवेट वाहन सभी के परिचालन पर रोक लग गयी है. अब ऐसे में आपातकाल में अगर किसी को कहीं आने जाने के लिए वाहन की जरूरत होती है तो वो उसे समय पर उपलब्ध नहीं हो पाता है. जिसका खामियाजा किसी को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है.

ऐसा ही एक ताज़ा मामला सीवान से सामने आया है. मामले के अनुसार एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद, लॉकडाउन की स्थिति में कोई वाहन न के कारण सही वक़्त पर अस्पताल में न भर्ती करने की वजह से महिला का प्रसव ऑटो में ही हो गया. इस कारण उचित समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने की वजह से महिला के बच्चे की मौत हो गयी.

मिली जानकारी के अनुसार जिले के पचरुखी में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा बढ़ने के कारण पचरुखी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था. महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ती जा रही थी और हालत में सुधार न होने की वजह से महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला को एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध न हो पाने की वजह से उसके परिजनों ने जैसे तैसे करके महिला को एक ऑटो में बैठाया. जिससे उसको सदर अस्पताल ले जाया जा सके. लेकिन ऑटो में ले जाने के दौरान ही महिला की पीड़ा बहुत ज्यादा बढ़ गई और महिला ने ऑटो में ही एक बच्चे को जन्म दिया. सही समय पर अस्पताल न पहुंचने और इलाज़ न मिलने की वजह से बच्चे की जान नहीं बच पाई और बच्चे की ऑटो में ही मौत हो गयी. फिलहाल महिला की हालत ठीक बताई जा रही है. इसके बाद महिला को इलाज़ के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया. फिलहाल महिला की हालात ठीक बतायी जा रही है.