प्रशांत किशोर का ब्लू प्रिंट अन्य दलों के लिए बन रहा परेशानी का सबब

जमुनिया / गौनाहा / प.चंपारण (TBN – अनुभव सिन्हा की रिपोर्ट)| प्रशांत किशोर की जन सुराज पदयात्रा बीते रविवार को ही शुरु हुई है. आज चौथा दिन है. यह पदयात्रा 2024 में समाप्त होगी. लेकिन, अन्य दलों को अभी से ही परेशानी होने लगी है.

प्रशांत किशोर अभी पश्चिम चम्पारण के गौनाहा प्रखण्ड में हैं. इस पदयात्रा में उन्होने कुछ नियम बनाया है. हर चौथे दिन वह व्यक्तिगत स्तर पर लोगों से मिलते हैं. उसके पहले के तीन दिन वह पदयात्रा पर रहते हैं.

बुधवार को उनकी पदयात्रा का चौथा दिन था. जमुनिया गांव के लोगों से मुलाकात, परिचय और बात होते-होते लोगों की संख्या बढ़ गई. फिर सब एक सभा भवन में इकठ्ठा हुए और बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा.

दरअसल, प्रशांत किशोर योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं. एक जगह से दूसरी जगह जाने के पहले, उस इलाके की जरूरतों का खाका वह तैयार कर लेते हैं. अपने इस तरीके को वह लोगों से शेयर भी करते हैं.

शुरूआती दौर से ही राजनीतिक दलों और खासकर केन्द्रीय मीडिया की नजर में आ चुके प्रशांत किशोर अपना ब्लू प्रिंट भी छोड़ते जा रहे हैं. इसका परिणाम यह है कि उनका एक-एक शब्द विभिन्न दलों को नागवार गुजर रहा है. पर, किशोर की तैयारी ही कुछ ऐसी है.

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याद कीजिए, पिछले 24 अगस्त को विश्वास मत हासिल करने के बाद महागठबंधन के नेता नीतीश कुमार ने क्या कहा था. ‘अपने फैसले को गांव-गांव जाकर लोगों को बताएंगे कि आखिर हमने यह फैसला क्यों लिया ‘, यही कहा था नीतीश कुमार ने. बहरहाल, अभी तक महागठबंधन की सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है. लेकिन पीके की पदयात्रा से उसके पेट में मरोड़ होने लगी है.

जमुनिया में उनसे बड़ी संख्या में लोगों ने मुलाकात की. नीचे वीडियो में सुनिए, पीके ने कैसे अपना ब्लू प्रिंट उनके सामने रखा.