कस्तूरबा कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय को प्रशांत किशोर ने लिया गोद

भितिहरवा (TBN – अनुभव सिन्हा की रिपोर्ट)|राजनीति में भावना और समर्पण का निवेश प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) के प्रयोग का हिस्सा है. यह रविवार को भितिहरवा (Bhitiharwa, West Champaran) में तब स्पष्ट हुआ जब यहां स्थापित कस्तूरबा कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय (Kasturba Girls Higher Secondary School) को उन्होंने गोद लेने की घोषणा की.

इस विद्यालय में 650 छात्राएं शिक्षा ग्रहण करती हैं. यह विद्यालय लोगों के सहयोग से चलता है. जबकि प्रधानमंत्री के तौर पर चन्द्रशेखर (Ex PM Chandrashekhar) और मुख्यमंत्री के तौर पर लालू यादव (Lalu Yadav) और नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने विद्यालय के सरकारीकरण की घोषणा की, लेकिन आज तक वह पूरा नहीं हुआ.

पीके ने की बड़ी घोषणा

भितिहरवा से जन सुराज पदयात्रा शुरू करने के पूर्व आयोजित एक सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस विद्यालय का खर्च वह तबतक उठायेंगे जबतक इसका सरकारीकरण नहीं हो जाता.

यह घोषणा इस रुप में महत्वपूर्ण है कि यह लीक से हटकर है. ऐसा यहां लोगों ने पहली बार सुना. अक्टूबर महीने से ही प्रशांत किशोर ने विद्यालय का खर्च उठाने की घोषणा की है. यह सिर्फ सुनना भर था, तालियों की गड़गड़ाहट सभा स्थल गूंज उठा. यह गूंज बहुत दूर तक जाने वाली है.

जन सुराज पदयात्रा की शुरुआत के पहले वह विद्यालय भी गए और वहां एकत्रित लोगों को सम्बोधित किया. यात्रा का पहला पड़ाव भितिहरवा से दस किलोमीटर दूर गौनाहा गांव होगा जहां वह रात्रि विश्राम करेंगे. रास्ते में पड़ने वाले चार गांव के लोगों से भी मिलेंगे और ग्रामीण स्तर की समस्यायों को उनसे सुनेंगे.

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प्रशांत किशोर ने स्कूल को गोद लेकर शिक्षा के प्रति अपने दृष्टिकोण को जिस तरह से रखा, उसमें भावनाओं और समर्पण का समावेश है. अभीतक के सरकारी घोषणाओं को सुनकर लोगों के पक चुके कानों ने जब उनकी घोषणा सुनी तो सहज विश्वास में भी उनकी भावना और समर्पण के प्रति लोगों का आभार ही नजर आया.

जातिवाद, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार जैसी बुराईयों को दूर करने के लिए उन्होने ग्रामीणों को एक सच्चे और कर्मठ व्यक्ति के बारे में बताने के लिए कहा है. यह वास्तव में जन सुराज में लोगों की सहभागिता ही है.