आरबीआई के फैसलों से खुश शेयर बाजार में रिकॉर्ड तोड़ तेजी, सेंसेक्स 45000 और निफ्टी 13000 के पार

नई दिल्ली (TBN – The Bihar Now डेस्क) | RBI ने ब्याज दरों में भले ही बदलाव नहीं किया हो. लेकिन आर्थिक ग्रोथ को लेकर अनुमान बढ़ा दिया. इन्हीं संकेतों से बाजार खुश हो गया है. साथ ही, इस साल बैंकों को डिविडेंड नहीं देना होगा. ऐसे में बैंकों के पास ज्यादा लिक्विडिटी रहेगी. इसीलिए बैंक निफ्टी में खरीदारी लौटी है. जिसका असर दोनों प्रमुख इंडेक्स पर दिख रहा है. BSE S&P सेंसेक्स 447 अंक या 1 प्रतिशत बढ़कर 45,080 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 125 अंक या 0.95 प्रतिशत बढ़कर 13,259 पर बंद हुआ.

ब्याज दरों में क्यों नहीं हुआ बदलाव

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की दिसंबर की मौद्रिक समीक्षा बैठक में एक बार फिर मुख्य ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया. यह फैसला खुदरा महंगाई की उच्च स्तर को देखते हुए लिया गया है. खुदरा मुद्रास्फीति इस समय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है. यह लगातार तीसरी बार है, जब भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यों की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट को जस का तस छोड़ा है. रेपो रेट 4%, रिवर्स रेपो रेट 3.35%, कैश रिजर्व रेशियो 3% और बैंक रेट 4.25% के स्तर पर बरकरार हैं.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि खुदरा महंगाई के वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में 6.8 फीसदी, चौथी तिमाही में 5.8 फीसदी रहने का अनुमान है.

रिजर्व बैंक की मौद्रिक समिति ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में महंगाई दर एक सीमित दायरे में बनी रहेगी. इस बार खरीफ फसल की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है. मानसून अच्छा रहने की वजह से फसल की रिकॉर्ड उपज हो सकती है.

आरबीआई गर्वनर ने कहा है कि एमपीसी ने मुदास्फीति को तय लक्ष्य के भीतर रखने के साथ टिकाऊ बढ़ोत्तरी को रिवाइव करने और कोविड-19 के असर को कम करने के लिए मौद्रिक नीति में जरूरत के हिसाब से उदार रखने का फैसला किया है. यह चालू वित्त और अगले साल तक जारी रह सकता है.
(इनपुट – न्यूज18)

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