PFI ने सरकार के फैसले को स्वीकारा, किया संगठन को भंग करने का ऐलान

तिरुवनंतपुरम (TBN – The Bihar Now डेस्क)| पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) ने भारत सरकार द्वारा संगठन पर पाबंदी (Ban on PFI) के फैसले को स्वीकार करने की बात कही है. संगठन के केरल राज्य महासचिव अब्दुल सत्तार (Abdul Sattar) ने बुधवार को केरल इकाई के फेसबुक पेज पर पोस्ट साझा कर कहा कि पीएफआई (PFI) को भंग कर दिया गया है.

सत्तार ने कहा, “सभी पीएफआई सदस्यों और जनता को सूचित किया जाता है कि पीएफआई को भंग कर दिया गया है. गृह मंत्रालय ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी की है. हमारे महान देश के कानून का पालन करने वाले नागरिकों के रूप में, संगठन सरकार के इस निर्णय को स्वीकार करता है.”

उन्होंने आगे कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने अपने सभी सदस्यों से अपनी गतिविधियां बंद करने का अनुरोध किया है. बता दें, मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967) के तहत, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI), और उसके सहयोगियों या सहयोगियों या मोर्चों को पांच साल के लिए तत्काल प्रभाव से एक गैरकानूनी संघ के रूप में घोषित किया था.

पीएफआई पर बैन लगाते हुए सरकारी अधिसूचना में कहा गया, “पीएफआई और उसके सहयोगी या सहयोगी या मोर्चे खुले तौर पर एक सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक संगठन के रूप में काम करते हैं. लेकिन, वे लोकतंत्र की अवधारणा को कम करने की दिशा में काम कर रहे समाज के एक विशेष वर्ग को कट्टरपंथी बनाने के लिए एक गुप्त एजेंडा का पीछा कर रहे हैं और संवैधानिक प्राधिकरण और देश का संवैधानिक ढांचा के प्रति सरासर अनादर दिखाते हैं.”

अधिसूचना में कहा गया है कि पीएफआई और उसके सहयोगी या सहयोगी या मोर्चे गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं, जो देश की अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं और देश की सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और देश में आतंकवाद का समर्थन करने की क्षमता रखते हैं.

इन संगठनों को किया भी गया है बैन

पीएफआई के साथ-साथ इसके मोर्चों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिसमें रिहैब इंडिया फाउंडेशन (Rehab India Foundation, RIF), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (Campus Front of India, CFI), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (All India Imams Council, AIIC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (National Confederation of Human Rights Organisation, NCHRO), नेशनल वुमन फ्रंट (National Women’s Front, NWF), जूनियर फ्रंट (Junior Front, JF), एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन (Empower India Foundation and Rehab Foundation, EIFRF), केरल शामिल हैं.

अधिसूचना में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पीएफआई और उसके सहयोगियों या सहयोगियों या मोर्चों के खिलाफ “गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण प्रतिबंध लगाया गया है, जो देश की अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं और सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की क्षमता रखते, देश का और देश में उग्रवाद का समर्थन करते हैं.

केंद्र ने अपनी एजेंसियों की जांच का हवाला देते हुए कहा है कि “जांच ने पीएफआई और उसके सहयोगियों या सहयोगियों या मोर्चों के बीच स्पष्ट संबंध स्थापित किए हैं. इस कारण प्रतिबंध लगाया गया है.”

छात्र विंग देगा चुनौती

इधर, PFI की छात्र विंग ने संगठन पर पाबंदी को अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक बताते हुए केंद्र के बैन को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है.