ये दो बीमारी वाले लोग सावधान, कोरोना होने पर हो सकती है मौत

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | कोरोना बीमारी का न तो अभी तक कोई इलाज निकला है और न ही कोई वैक्सीन. इतने में अगर लोगों को इस वायरस से बचना है तो वो है ज्यादा से ज्यादा बचाव. हालांकि पिछले दोनों देश में कोरोना के आंकड़े कम होते दिख रहे हैं लेकिन इससे मरने वाले लोग काफी हैं.

इस बीच कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है. सुचना अधिकारी के तहत दी गई जानकारी के अनुसार मार्च से अक्‍टूबर के बीच कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वाले हर पांच में से एक व्यक्ति को पहले से ही डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की शिकायत थी.

आपको बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस से हो रही मौतों में ये दो बीमारियाँ आम रही हैं. कोरोना से मरने वाले की संख्या तीसरे स्थान पर है. लगभग 45% लोगो में पहले से कोई बीमारी नहीं पाई गई थी. डाटा से पता चलता है कि 1 मार्च से 30 सितम्बर के बीच दिल्ली में 5,509 लोगों की मौत कोरोना वाइरस संक्रमण के कारण हुई. इनमे से 5,283 मामलों के सम्बन्ध में पूर्ण आयु और लिंग सम्बन्धी डाटा उपलब्थ है. इनमें से, 1,086 लोग डाइबटीज और हाई ब्लड प्रेशर, दोनों से ही पीड़ित थे. वही 989 मरीज निमोनिया से पीड़ित थे.

695 लोगों को सिर्फ डायबिटीज थी और 678 लोगों को सिर्फ हाइपरटेंशन या हाई ब्‍लडप्रेशर की समस्‍या थी. दिल्ली में अप्रैल में गठित डेथ ऑडिट कमेटी ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण से हो रही मौतों को वर्गीकृत किया है. हालांकि इसमें कोरोना वायरस पॉजिटिव और उससे हुई सभी मौतों को नहीं वर्गीकृत किया गया है.

इस कमेटी ने बताया कि कैसे मौतों को वर्गीकृत किया जाता है. कई देशों में महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक मृत्यु दर दर्ज की गई है. यह ट्रेंड दिल्ली में भी दिखाई दे रहा है. 5,283 मौतों में से दो तिहाई या 66% पुरुष हैं. सबसे अधिक मरने वाले लोगों की उम्र 51 से 70 साल के बीच रही. इनकी कुल संख्‍या 2697 थी.