फिर डूबी फसलें, किसानों को है अब सरकार से उम्मीद

बाढ़ (TBN – अखिलेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट)| वैसे तो बरसात का मौसम लगभग खत्म हो गया है, परंतु बाढ़ अनुमंडल के बेलछी प्रखंड के कई गांवों में फिर से बाढ़ के पानी का फैलाव हो गया है. किसानों के खेतों में एक बार फिर पानी लग गया है जिस कारण खेतों में लगी धान की फसल खराब होने के कगार पर है.

दरअसल बरसात में नदी का पानी इन गांवों में फैल गया था. इससे खेतों में लगी फसलें खराब हो गई थी. ग्रामीणों ने ये फसलें काफी मेहनत कर लगाई थी जो बर्बाद हो गई थी. खेतों से बाढ़ का पानी निकलने के बाद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और कर्ज लेकर भी एक बार फिर धान की फसलें बोईं.

इस बार खेतों में धान लहलहा उठे थे और उनकी बालियां तैयार होने लगी थी. किसानों के चेहरे पर खुशी के उबाल थे और सभी कर्ज चुका देने की स्थिति में आ रहे थे. लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था. सितंबर-अक्टूबर के महीने में एक बार फिर नदी का पानी उफान पर आने लगा जिस कारण खेतों में पानी घुस गया और धान की फसलों को बर्बाद करने लगा है.

किसानों को, बाढ़ का पानी फिर से आने के कारण खेतों में लगे धान की फसलों में लगा हुआ बाली जो तैयार होने वाला था या होने के कगार पर था, फिर से खराब होने का डर सताने लगा है. उन्हें अब कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है. चिंतित किसानों का कहना है कि अभी भी खेत से पानी निकल जाएगा तो कुछ धान बच जाएगा.

आंदोली दरवेशपुर के पंचायत के वर्तमान मुखिया अभिमन्यु कुमार उर्फ मुन्ना सिंह ने पत्रकारों को बताया कि ऐसी स्थिति में भी प्रशासन के लोग अभी तक देखने नहीं आए हैं. मुन्ना सिंह ने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि जो खेत में फसल लगा हुआ है और बर्बाद हो रहा है, उसका मूल्यांकन कर किसानों को सहायता दी जाए.

उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसल एक बार बर्बाद हो गई थी और उनलोगों ने दोबारा हिम्मत कर धान की फसल लगाया, उन सभी किसानों को फसल बर्बाद होने पर लाभ मिलना चाहिए.

उसने बताया कि चंद्र भूषण सिंह, जो कृषि पदाधिकारी हैं, उनको इस बारे में खबर कर दिया गया है. अब देखें आगे क्या होता है. देखिए एक वीडियो रिपोर्ट –