हाईकोर्ट के निर्देश पर निगम कर्मचारियों ने की हड़ताल खत्म, बुधवार से लौटेंगे काम पर

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| पटना उच्च न्यायालय ने पटना नगर निगम के कर्मचारियों से तुरंत हड़ताल खत्म कर वापस काम पर लौटने को कहा है. पटना नगर निगम के सफाई कर्मियों द्वारा की जा रही हड़ताल पर न्यायालय मंगलवार को सुनवाई कर रही थी.

कोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारियों ने बुधवार से काम पर लौटने का ऐलान भी कर दिया है. योगेश चंद्र वर्मा, जो बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ के वकील हैं, ने इस संबंध में बयान जारी किया है.

सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को भी नोटिस दिया है और जवाब मांगा है. नगर निगम कर्मियों की मांगों पर विचार कर उच्च न्यायालय ने सरकार से आठ सप्ताह में लिखित जवाब देने को कहा है. अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि हड़ताली कर्मचारियों की शिकायतों पर राज्य सरकार विचार करते हुए 8 सप्ताह के भीतर उचित निर्णय ले लेगी.

बता दें, पिछले लगभग एक हफ्ते से निगम कर्मियों द्वारा हड़ताल जारी रखी गई थी. उन्होंने सरकार ने सामने अपनी 12 सूत्री मांगों को रखा था और उसपर अडिग थे. निगम कर्मियों की हड़ताल के कारण पूरे शहर में कचड़े का अंबार लग गया था और दुर्गंध के मारे लोगों की हालत खराब हो रही थी.

कचड़े का उठाव न होने से पूरे शहर में संक्रमण फैलने का डर सताने लगा था. इससे राजधानिवासियों में भी आक्रोश बढ़ रहा था.

पटना हाई कोर्ट में इस हड़ताल के बावत एक याचिका दायर की गई थी जिसपर सोमवार को सुनवाई होनी थी. लेकिन किसी कारणवश इसपर सोमवार को न होकर मंगलवार को हुई.

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल (AG) द्वारा कोर्ट को बताया गया कि राजधानी में नगर निगम के कर्मचारियों ने हड़ताल पर चले जाने के कारण बहुत सारा कचड़ा जमा हो गया है. साथ ही, कोरोना काल में लोगों के भीतर डर समाया हुआ है और वाइरल फीवर फैला हुआ है. ऐसी स्थिति में नगर निगम के कर्मचारियों की हड़ताल स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है.

अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि किसी भी हड़ताली कर्मचारी को हड़ताल किए जाने की वजह से नहीं हटाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कर्मचारी पर कोई दंडात्मक आरोप लगे होंगे तो उसे कानून के अनुसार निपटाया जाएगा.