नहीं रहे प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ शैबाल गुप्ता, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

ADRI founder Dr Shaibal Gupta is no more.

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| प्रसिद्ध अर्थशास्त्री शैबाल गुप्ता का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार शाम निधन हो गया. वे 67 वर्ष के थे. एशिया विकास अनुसंधान संस्थान (ADRI) द्वारा जारी एक बयान, जिसे गुप्ता द्वारा स्थापित किया गया था, ने कहा कि वह कुछ समय से पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, और कुछ दिनों पहले अस्पताल में भर्ती हुए थे.

एक प्रसिद्ध सामाजिक वैज्ञानिक होने के अलावा, उन्हें व्यापक रूप से एक संस्थान-निर्माता के रूप में जाना जाता था, और ADRI की स्थापना उनकी सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि थी. सामान्य रूप से और विशेष रूप से बिहार की विकास चुनौतियों में विकास अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उनके योगदान ने भारत और विदेश दोनों में व्यापक रूप से ध्यान आकर्षित किया था.

शैबाल गुप्ता पिछले दो दशकों से अर्थशास्त्र और औद्योगिक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में शोध कर रहे थे. वह सेंटर फॉर इकोनॉमिक पॉलिसी एंड पब्लिक फाइनेंस (CEPPF) के निदेशक भी थे, जिसे ADRI में बिहार सरकार द्वारा सार्वजनिक वित्त पर अनुसंधान के लिए समर्पित केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है.

शैबाल गुप्ता ने विकास अध्ययन संस्थान, ससेक्स (Institute of Development Studies, Sussex), अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organisation), विश्व बैंक (World Bank) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (London School of Economics) के साथ विभिन्न शोध परियोजनाओं पर काम किया था. वे सामाजिक और राजनीतिक मामलों के एक अत्यधिक जानकार भी थे.

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उनके पीछे उनकी पत्नी, बेटी, दामाद और नाती-बेटी बचे हैं. ये सभी उनके निधन के समय उनके बिस्तर के किनारे उपस्थित थे. समाज के क्रॉस सेक्शन के लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.

सीएम नीतीश कुमार ने व्यक्त की संवेदना

राज्य के सीएम नीतीश कुमार ने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, सेटंर फॉर इकॉनोमिक पॉलिसी एंड पब्लिक फाइनेंस के निदेशक और आद्री के सदस्य सचिव शैवाल गुप्ता के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा – “शैवाल गुप्ता ने बिहार ही नहीं बल्कि देश और दुनिया की कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थानों में प्रमुख भूमिका निभाई थी. उन्होंने बिहार में वित्त आयोग के सदस्य के साथ ही कई संस्थाओं को अपने अनुभवों का लाभ पहुंचाया था. बिहार के कई आर्थिक सुधारों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. वे आर्थिक एवं राजनीतिक मामलों के विषेषज्ञ के तौर पर भी जाने जाते थे. उनके निधन से आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुयी है. शैवाल गुप्ता जी से मेरा व्यक्तिगत संबंध था, उनके निधन से मैं काफी मर्माहत हूँ. उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी”.

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व0 शैवाल गुप्ता का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा.

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मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है.

सुशील कुमार मोदी ने जताया शोक

पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने राज्य के प्रमुख अर्थशास्त्री, आर्थिक-सामाजिक मामलों के जानकार व बुद्धिजीवी डा. शैवाल गुप्ता के निधन पर गहरा शोक व्यक्ति करते हुए कहा है कि डा. गुप्ता के निधन से बिहार को अपूरणीय क्षति हुई है.

मोदी ने कहा कहा है कि प्रतिवर्ष आम बजट से पूर्व वित्त विभाग की ओर से प्रकाशित होने वाली आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट डा. गुप्ता और उनकी संस्था ‘आद्री’ के विशेषज्ञों द्वारा ही बिहार के विभिन्न आर्थिक व सामाजिक मानदंडों के गहन अध्ययन के आधार पर तैयार किया जाता था। उनकी संस्था आद्री की बिहार ही नहीं राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान है. अर्थ विशेषज्ञ व बुद्धिजीवी होने के नाते डा. गुप्ता की भी राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति थी.

उन्होंने कहा कि डा. गुप्ता की पहल पर ही वित्त आयोग को सर्वदलीय प्रतिवेदन देने की परम्परा शुरू हुई, जिसमें बिहार के विभिन्न मुद्दों को रेखांकित कर आयोग से धन की मांग की जाती थी. बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों चाहिए, इसपर भी डा. गुप्ता ने एक प्रमाणिक दस्तावेज तैयार कर इस मांग को बल दिया था. इसके अलावा आईजीसी (इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर) की स्थापना कर डा. गुप्ता राष्ट्रीय, अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार आदि आयोजित करते रहे हैं. आर्थिक-सामाजिक मुद्दों पर उनकी टिप्पणी का विशेष महत्व होता था.

मोदी ने कहा कि आद्री में शैबाल गुप्ता और अन्य विशेषज्ञों द्वारा किए गए आर्थिक और सामाजिक अध्ययन के आधार पर बिहार सरकार का वार्षिक आर्थिक सर्वेक्षण तैयार किया गया था.