मुख्यमंत्री द्वारा ग्लास ब्रिज का निरीक्षण, देश का यह पहला स्काई हैंगिंग वाक

राजगीर (TBN – The Bihar Now डेस्क)| शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल ‘नेचर सफारी’ के ‘ग्लास ब्रिज’ का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह ब्रिज पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होगा.

नीतीश ने आज अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल ‘नेचर सफारी’ में निर्माणाधीन ग्लास फ्लोर ब्रिज (स्काई वाक), जीप लाईन, जीप बाइक एवं नेचर सफारी के मेन कैम्प एरिया का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सिक्युरिटी, सेफ्टी एवं प्रोटेक्शन का पूरा ध्यान रखने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि पहले मैंने ‘जू सफारी’ की रूपरेखा तैयार की. उसके बाद मुझे महसूस हुआ कि यहां की प्रकृति के बारे में जानने के लिए ‘नेचर सफारी’ का निर्माण होना चाहिए. उसके बाद मैंने इस नेचर सफारी का निर्माण शुरू कराया जिसपर बहुत अच्छे ढंग से कार्य किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि इस नेचर सफारी में आकर युवा और खासकर बच्चे नेचर के बारे में जान सकेंगे. यहां आकर देखने और घूमने से युवा पीढ़ी को नेचर के संबंध में काफी जानकारियां मिलेंगी और वे पर्यावरण के प्रति प्रेरित भी होंगे.

उन्होंने कहा कि यह घने जंगलों में है, इसलिए सुरक्षा की समुचित व्यवस्था कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस की स्थायी तैनाती की जाएगी ताकि गलत प्रवृत्ति का व्यक्ति किसी को नुकसान न पहुंचाए. तकनीकी विशेषज्ञ भी रेगुलर ड्यूटी में यहां डेप्यूट रहेंगे.

उन्होंने बताया कि अधिकारियों के अनुसार यह सफारी मार्च 2021 तक या फिर उसके थोड़ा आगे-पीछे बनकर तैयार हो जाएगा. और फिर पर्यटक इसका आनंद उठा सकेंगें. नेचर सफारी की निरीक्षण के बाद उन्होंने जू सफारी का भी निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने जू सफारी के भ्रमण हेतु तैयार किये गये परिभ्रमण वाहन का भी निरीक्षण किया.

आपको बता दें कि ‘जू सफारी’ और ‘नेचर सफारी’ गया जिला और नालन्दा जिले में स्थित जंगलों के बीच में है. इस कारण इस इलाके में हमेशा सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम रहेंगे.

‘नेचर सफारी’ का ‘ग्लास ब्रिज’ – इस ग्लास ब्रिज की कुल लंबाई 85 फीट और चौड़ाई 6 फीट है जबकि यह 250 फीट की ऊँचाई पर स्थित है. इसे चीन के हेवेन्स प्रान्त के एस टेहांग में बने स्काई वॉक के तर्ज पर बनाया गया हैं. यह देश का पहला स्काई हैंगिंग वाक है और देश का दूसरा ग्लास ब्रिज है, जिस पर चलना मानो हवा में तैरने के समान है. नये साल 2021 में बिहारवासियों को यह नया तोहफा मिलने जा रहा है.

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