लोगों को 3 माह तक EMI के भुगतान से राहत

नई दिल्ली (TBN रिपोर्ट) | देश में कोरोना वायरस संक्रमण तथा उसके कारण हुए 21 दिनों के लॉकडाउन से नुकसान को देखते हुए भारत के वित्त मंत्री के बड़े पैकेज के बाद अब RBI ने शुक्रवार को कई राहत दी हैं. कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से लोगों को इनकम लॉस हो रहा है और इस परिस्थिति में आरबीआई ने रीपो रेट में कटौती कर ईएमआई और घटने का रास्ता साफ कर दिया है. इतना ही नहीं, रिजर्व बैंक ने पहले से चले आ रहे लोन के EMI के भुगतान पर भी 3 महीने का मोरेटोरियम लगा दिया है. इसका मतलब है कि जिन लोगों ने लोन लिया है उन्हें तीन महीने तक ईएमआई के भुगतान से राहत मिल गई है.

शुक्रवार को आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास प्रेस कोन्फ़्रेंस को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दरों में बड़ी कटौती की है. रीपो रेट में 75 bps की कटौती का ऐलान किया है, अब नया रेट 4.4% होगा. कटौती के इस ऐलान से लौन की मासिक किस्तें घटेंगी, जो आम लोगों के लिए राहत की बात है. पहले से चल रहे लोन के ईएमआई के भुगतान को तीन महीने के लिए टालने का फैसला सभी कमर्शल बैंकों, रूरल बैंकों, सहकारी बैंकों या किसी नॉन बैंकिंग कामर्शल बैंक से लिए गए लोन पर प्रभावी होगा. मतलब कि किसी हाउंसिंग फाइनैंस कंपनी से लिए गए होम लोन पर भी ईएमआई से तीन महीने तक छुट्टी मिल जाएगी.

शुक्रवार को आरबीआई गवर्नर के प्रेस कोन्फ़्रेंस की बड़ी बातें ये हैं…

  • रेपो रेट 5.15 फीसदी से घटकर 4.40 फीसदी हो गई है. इससे सभी तरह के कर्ज सस्ते होंगे.
  • आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में भी 0.90 फीसदी की कटौती की है. अब यह 4.90 फीसदी से घटकर चार फीसदी हो गई है
  • सभी बैंकों के लिए कैश रिजर्व रेशो(CRR) में 100 बीपीएस की कटौती, नया रेशो नेट डिमांड का 3%, यह 28 मार्च से शुरू हो रही फोर्टनाइट से लागू, एक साल के लिए.
  • सीआरआर में 100 बीपीएस की कटौती, इससे बाजार में 1.37 लाख करोड़ रुपये आएंगे.
  • आरबीआई ने कमर्शल और क्षेत्रीय बैंकों को तीन महीने तक कर्ज और ब्याज पर राहत देने की सलाह दी है.
  • उन्होंने देश को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित है.
  • आरबीआई गवर्नर ने कहा की कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं. इसका असर कितना होगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता. लेकिन कच्चे तेल की कीमतें घटने से कुछ राहत मिलेगी. कच्चे तेल के दाम और मांग में कमी से कोर (मुख्य) मुद्रास्फीति कम होगी.
  • आरबीआई ने सभी बैंकों को सलाह दी है कि वो ग्राहकों से तीन महीने के लिए ईएमआई को लेने के लिए टाल दें.