बिहार : शहरों में बारी-बारी से दुकानों के खुलने का रास्ता साफ, सभी प्रखंड मुख्यालय रेड जोन में

बिहार के सभी प्रखंड मुख्यालय रेड जोन
बाहर से आ रहे प्रवासी लोगों की वजह से लिया गया फैसला
शहरों में बारी बारी से खुलेंगी दुकानें

पटना (TBN डेस्क) । बिहार में शहरों में बारी बारी से दुकानों के खुलने का रास्ता साफ हो गया है, वही सभी प्रखंड मुख्यालय को रेड जोन घोषित किया गया है. जिला मुख्यालय को छोडकर सभी प्रखंड में लाकडाउन को राज्य सरकार ज्यादा सख्त कर रही है. इन इलाकों में दवा, किराना के अलावा दूसरी जरुरी सुविधाओं की ही दुकानें खुलेंगी. शर्तों के साथ ही गतिविधियां भी मान्य होगी.

सभी कंटेनमेंट जोन और सभी प्रखंड मुख्यालय को छोडकर राज्य के सभी शेष क्षेत्र एक समान समझे जाएगें औऱ वहां भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का पालन होगा.

दरअसल बिहार में बाहर से आने वाले प्रवासियों का वजह से कोरोना मरीजों की संख्या में लागाता बढोतरी हो रही है. इसकों लेकर राज्य सरकार ने सख्त फैसला लिया है. रेड जोन या कंटेनमेंट जोन के बाहर दुकानें बारी बारी से सप्ताहिक या अलग अलग दिन खुलेगे, इस बावत आखिरी फैसला जिलाधिकारी लेंगे.

ग्राहकों के लिए भी राज्य सरकार ने दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि अपने आवासिय क्षेत्र के नजदीक के दुकानों पर ही जाए औऱ दूर की दुकानों से खरीदारी की अनुमति नही दी जाएगी. राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कंटेनमेंट जोन और रेड जोन से बाहर सभी प्रकार की उपभोक्ता वस्तुओं को नियंत्रित ढंग से खोला जाएगा, जिससे कि ज्यादा भीड नहीं हो. इसमें कपडा और रिडिमेड कपडों की दुकान सहित अन्य दुकानें भी शामिल है.

ओला, उबर सहित अन्य टैक्सी सेवाओँ को चिकित्सीय या विशेष रेलगाडियों के यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन जाने औऱ आने के लिए मान्य होंगी. रिक्शा और आटो रिक्शा के परिचालन के संबंध में परिवहन विभाग अलग से फैसला लेगा. किराये के बसों का परिचालन, जिला के अंदर और अंतरजिला पूरी तरह से बंद रहेगा. इसके अतिरिक्त गाडियों या व्यक्तियों का अंतर जिला या जिला के अंदर परिचालन भी प्रतिबंधित रहेगा.

सरकारी कर्मचारियों में कनीय अधिकारियों की उपस्थिति 33 प्रतिशत ही रहेगी, जबकि उप सचिव और उनसे वरीय अधिकारियों नियमित रुप से कार्यालय आएगें. निजी संस्थान के व्यवसायिक औऱ गैर व्यवसायिक कार्यालयों में 33 प्रतिशत कर्मी को आने की अनुमति होगी.